देहरादून, 08 अगस्त। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से समाज कल्याण विभाग के 9 लाख 87 हजार 17 पेंशन लाभार्थियों के बैंक खातों में जुलाई 2026 की पेंशन राशि सीधे हस्तांतरित की। सरकार की ओर से कुल 146 करोड़ 32 लाख 50 हजार रुपये की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से जारी की गई।
बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगजनों को समय पर पेंशन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। पेंशन राशि का समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में हस्तांतरण किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगजनों को पेंशन के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए भुगतान प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया गया है।
9.87 लाख से अधिक लाभार्थियों को मिला भुगतान
समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने बताया कि जुलाई की पेंशन किश्त के तहत कुल 9 लाख 87 हजार 17 लाभार्थियों को भुगतान किया गया है। इनमें ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार के राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के करीब 2.15 लाख पेंशन लाभार्थी भी शामिल हैं।
इन लाभार्थियों को वर्तमान में ‘एसएनए स्पर्श’ प्रणाली के माध्यम से पेंशन का भुगतान किया जा रहा है। सरकार का दावा है कि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण से भुगतान व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ने के साथ लाभार्थियों को समय पर राशि उपलब्ध हो रही है।
वृद्धावस्था पेंशन में सबसे अधिक लाभार्थी
विभाग के आंकड़ों के अनुसार जुलाई 2026 में वृद्धावस्था पेंशन के 6,15,628 लाभार्थियों को 92.34 करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई। विधवा पेंशन के 2,36,983 लाभार्थियों को 35.54 करोड़ रुपये और दिव्यांग पेंशन के 89,128 लाभार्थियों को 13.36 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।
इसके अलावा किसान पेंशन के 27,288 लाभार्थियों को 3.20 करोड़ रुपये की राशि दी गई। परित्यक्ता पेंशन के 8,284 लाभार्थियों को 99.408 लाख रुपये तथा भरण-पोषण अनुदान के 7,383 लाभार्थियों को 51.68 लाख रुपये का भुगतान किया गया।
तीलू रौतेली और बौना पेंशन के लाभार्थियों को भी राशि
विभाग के अनुसार तीलू रौतेली पेंशन के 2,196 लाभार्थियों को 26.35 लाख रुपये और बौना पेंशन के 127 लाभार्थियों को 1.524 लाख रुपये की राशि हस्तांतरित की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ की भावना के साथ उत्तराखंड को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर वर्ग सरकार के परिवार का हिस्सा हैं और पात्र नागरिकों को उनका अधिकार समय पर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
कार्यक्रम में सचिव समाज कल्याण श्रीधर बाबू अद्दांकी, निदेशक जनजाति कल्याण संजय टोलिया, अपर सचिव सुन्दरलाल सेमवाल, निदेशक संजय कुमार, अपर निदेशक योगेंद्र रावत, संयुक्त निदेशक जी.आर. नौटियाल और गोवर्धन सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।



