देहरादून, 28 जुलाई। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार विकसित उत्तराखंड की मजबूत आधारशिला हैं। राज्य सरकार उत्तराखंड को अनुसंधान, नवाचार और आधुनिक तकनीकी विकास का अग्रणी केंद्र बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि विज्ञान को केवल प्रयोगशालाओं और पुस्तकों तक सीमित रखने के बजाय आमजन के जीवन से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री सोमवार को आईआरडीटी सभागार में पायनियर समाचार पत्र समूह एवं यूकॉस्ट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “मेनस्ट्रीमिंग साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन फॉर ए प्रॉस्पेरस उत्तराखंड” कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
ज्ञान और नवाचार से तय होगी भविष्य की प्रगति
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज वैश्विक स्तर पर किसी भी राष्ट्र की प्रगति केवल प्राकृतिक संसाधनों से नहीं, बल्कि ज्ञान, विज्ञान, अनुसंधान और नवाचार की क्षमता से निर्धारित हो रही है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, ड्रोन और सेमीकंडक्टर जैसी आधुनिक तकनीकें स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, पर्यटन और आपदा प्रबंधन सहित अनेक क्षेत्रों में व्यापक बदलाव ला रही हैं। इन क्षेत्रों में नवाचार को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं।
विकसित भारत-2047 के लक्ष्य में विज्ञान की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-204७ के संकल्प की आधारशिला विज्ञान, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार है। डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, राष्ट्रीय क्वांटम मिशन और सेमीकंडक्टर मिशन जैसे राष्ट्रीय अभियान भारत को वैश्विक तकनीकी शक्ति बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं।
पहली विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति लागू
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने उत्तराखंड की पहली विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति लागू की है। इसका उद्देश्य अनुसंधान को बढ़ावा देना और युवाओं को रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बनाना है। उन्होंने कहा कि देहरादून में देश की पांचवीं साइंस सिटी का निर्माण कार्य भी तेजी से प्रगति पर है, जिससे उत्तराखंड को विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी।
स्कूली विद्यार्थियों में विकसित होगा वैज्ञानिक दृष्टिकोण
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेशभर के विद्यालयों के विद्यार्थियों का नियमित रूप से साइंस सिटी भ्रमण कराया जाए, ताकि उनमें विज्ञान के प्रति जिज्ञासा, वैज्ञानिक सोच और नवाचार की भावना विकसित हो सके।
उन्होंने कहा कि राज्य में विज्ञान एवं नवाचार केंद्र, चलित प्रयोगशालाएं, भौगोलिक सूचना प्रणाली आधारित डैशबोर्ड, डिजिटल पुस्तकालय, पेटेंट सूचना केंद्र और विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अभियांत्रिकी एवं गणित प्रयोगशालाओं जैसी आधुनिक सुविधाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। इसके साथ ही कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, ड्रोन तकनीक, सेमीकंडक्टर, पूर्व-उद्यमिता प्रयोगशालाओं और नवाचार आधारित उद्यमिता तंत्र को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है, ताकि प्रदेश के युवाओं को अपने राज्य में ही वैश्विक स्तर के अवसर मिल सकें।
कार्यक्रम में विधायक मुन्ना सिंह चौहान, पद्मश्री डॉ. बी.के. संजय, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, पंतनगर विश्वविद्यालय के प्रो. जे.पी. जयसवाल, संयुक्त निदेशक डॉ. डी.पी. उनियाल सहित अनेक वैज्ञानिक, शिक्षाविद और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

