देहरादून, 17 अगस्त। जल जीवन मिशन के तहत पूर्ण और प्रगतिरत योजनाओं के लंबित भुगतान को लेकर देवभूमि जल शक्ति कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन ने सरकार से तत्काल भुगतान की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि ठेकेदारों का करीब ढाई वर्षों से भुगतान लंबित है। इससे उनकी कार्यशील पूंजी, बैंक ऋण और अन्य वित्तीय दायित्व प्रभावित हो रहे हैं। संगठन ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग करते हुए समस्या का समाधान नहीं होने पर राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है।
92.46 प्रतिशत कार्य पूरे होने का दावा
सहारनपुर रोड स्थित एक होटल में सोमवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित अग्रवाल ने कहा कि ‘हर घर नल से जल’ प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना है। इसके क्रियान्वयन में ठेकेदारों ने अपने संसाधनों का इस्तेमाल कर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
अमित अग्रवाल के अनुसार, उत्तराखंड में जल जीवन मिशन के तहत 92.46 प्रतिशत कार्य पूरे हो चुके हैं। कुल 16,555 योजनाओं में से 15,540 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं। वहीं, 14.20 लाख परिवारों को पेयजल कनेक्शन उपलब्ध कराया जा चुका है।
ढाई वर्षों से भुगतान लंबित होने का आरोप
एसोसिएशन अध्यक्ष ने कहा कि योजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए ठेकेदारों ने बैंक ऋण और बाजार से उधार लेकर सामग्री, श्रमिक, मशीनरी और परिवहन सहित विभिन्न खर्चों का वहन किया। इसके बावजूद पूर्ण किए गए कार्यों के वैध भुगतान लंबे समय से लंबित हैं।
उनका कहना है कि लगातार भुगतान नहीं मिलने से स्थिति अब महज देरी तक सीमित नहीं रही है, बल्कि ठेकेदारों के सामने गंभीर वित्तीय संकट खड़ा हो गया है। बैंक का ब्याज, मजदूरों की मजदूरी और आपूर्तिकर्ताओं की देनदारियां लगातार बढ़ रही हैं।
भुगतान के लिए समयसीमा तय करने की मांग
अमित अग्रवाल ने सवाल उठाया कि यदि सरकार निर्धारित समय में कार्य पूरा नहीं करने पर ठेकेदारों के खिलाफ पेनल्टी, अनुबंध निरस्तीकरण और ब्लैकलिस्टिंग जैसी कार्रवाई कर सकती है, तो पूर्ण कार्यों के भुगतान के लिए भी स्पष्ट समयसीमा तय होनी चाहिए।
एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि लंबित देयकों का जनपदवार और प्रभागवार विवरण तैयार कर तत्काल भुगतान कराया जाए। इसके साथ ही रनिंग बिलों के निस्तारण के लिए समयसीमा तय करने की मांग की गई है।
संगठन ने यह भी मांग की कि भुगतान में देरी के कारण ठेकेदारों पर अनावश्यक दंडात्मक कार्रवाई न की जाए। ठेकेदारों के नियंत्रण से बाहर के कारणों से प्रभावित योजनाओं के लिए उचित समय-विस्तार देने की भी मांग रखी गई है।
समाधान नहीं हुआ तो राज्यव्यापी आंदोलन की चेतावनी
एसोसिएशन के अनुसार, कई राज्यों में ठेकेदार सड़क पर उतरकर विरोध दर्ज करा रहे हैं, जबकि उत्तराखंड में अभी तक ठेकेदारों ने धैर्य बनाए रखा है और शांतिपूर्वक भुगतान की मांग कर रहे हैं।
अमित अग्रवाल ने आरोप लगाया कि संगठन की ओर से मुख्यमंत्री से कई बार मुलाकात का अनुरोध किया गया, लेकिन अब तक न तो मुख्यमंत्री से मुलाकात हो सकी और न ही समस्याओं का समाधान हुआ है।
एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते जल जीवन मिशन के लंबित भुगतान का समाधान नहीं किया गया तो ठेकेदारों की कार्यशील पूंजी प्रभावित होगी। इसका सीधा असर जल जीवन मिशन की आगामी योजनाओं की प्रगति पर पड़ सकता है। संगठन ने स्पष्ट किया कि वह किसी अतिरिक्त आर्थिक लाभ की मांग नहीं कर रहा, बल्कि पूर्ण किए गए कार्यों की वैधानिक और अनुबंधित राशि के भुगतान की मांग कर रहा है।
पत्रकार वार्ता में जितेंन्द्र मलिक, गौरव गोयल, रजत सिंघल, आशुतोष सक्सेना, ध्रुव जोशी, जगजीत, मनोज भारद्वाज, सुनील गुप्ता, सचिन मित्तल, अमित अग्रवाल, सुनील प्रकाश मित्तल, अंकित सलार, शुभम तोमर और संदीप मित्तल समेत एसोसिएशन के अन्य सदस्य मौजूद रहे।



