गोपेश्वर, 18 अगस्त। चमोली जिले की ज्योतिर्मठ तहसील के ग्राम लोंग सेगड़ी के समीप तमक नाले में अतिवृष्टि के बाद तेज बहाव और मलबे की चपेट में आए सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के हवलदार पंकज की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान तेज कर दिया गया है। लापता हवलदार की खोज में अत्याधुनिक रडार और सर्च एवं डिटेक्शन उपकरणों की मदद ली जा रही है।
कई एजेंसियां तलाश अभियान में जुटीं
हवलदार पंकज की तलाश के लिए तीन एक्सकेवेटर, गढ़वाल राइफल्स, प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और सीमा सड़क संगठन के 50 से अधिक जवान अभियान में जुटे हैं। इसके अलावा दो प्रशिक्षित सर्च एंड रेस्क्यू डॉग तथा ड्रोन की भी सहायता ली जा रही है।
रेस्क्यू टीमें तमक नाले के आसपास मलबे, जलधाराओं, नदी के किनारों और अन्य संभावित स्थानों पर सघन तलाशी अभियान चला रही हैं। भारी बोल्डरों और मलबे को एक्सकेवेटर की मदद से हटाकर संभावित स्थानों की जांच की जा रही है।
जीपीआर और ड्रोन से भी हो रही निगरानी
लापता हवलदार की तलाश में ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार (जीपीआर) सहित अत्याधुनिक सर्च एवं डिटेक्शन उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इनके माध्यम से जमीन और मलबे के भीतर संभावित स्थानों को खंगाला जा रहा है।
दुर्गम और ऊबड़-खाबड़ इलाकों में ड्रोन से निगरानी की जा रही है। वहीं प्रशिक्षित टीमें मौके पर संभावित स्थानों की बारीकी से तलाशी ले रही हैं। तमक नाले से आगे नदी के दोनों किनारों पर भी रेस्क्यू अभियान का दायरा बढ़ाया गया है।
सभी संभावित स्थानों पर क्रमवार सर्च
जिला प्रशासन के अनुसार सभी संभावित स्थानों को चिन्हित कर क्रमवार सर्चिंग की जा रही है, ताकि कोई क्षेत्र जांच से छूट न जाए। प्रशासन पूरे अभियान की लगातार निगरानी कर रहा है और रेस्क्यू टीमों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के साथ अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
तमक नाले से नदी के दोनों किनारों तक हवलदार पंकज की तलाश लगातार जारी है।



