नई दिल्ली, 12 अगस्त। हर घर तिरंगा अभियान के तहत बुधवार को भारत मंडपम में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने हरी झंडी दिखाकर बाइक रैली को रवाना किया। तिरंगा लेकर निकले प्रतिभागियों ने देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया तथा राष्ट्र की प्रगति और एकता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।
वंदे मातरम ने जगाई देशभक्ति की भावना
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के 150वें वर्ष का उत्सव गहरी भावनाओं से भर देने वाला अवसर है। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम’ के शब्दों ने भारतीयों के दिलों में देशभक्ति की भावना जगाई और औपनिवेशिक शासन को खत्म करने के संघर्ष में बड़ी ताकत बने।
उन्होंने कहा कि भारत का स्वतंत्रता संग्राम भारतीय मन, आत्मा और चेतना की जागृति था। आजादी के साझा सपने ने अलग-अलग क्षेत्रों, भाषाओं, धर्मों और सामाजिक पृष्ठभूमियों से जुड़े लोगों को एकजुट किया।
स्वतंत्रता सेनानियों के लिए साहस और उम्मीद का स्रोत था गीत
सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों के लिए ‘वंदे मातरम’ केवल कुछ शब्द नहीं थे, बल्कि यह हिम्मत, त्याग और उम्मीद का स्रोत था। उन्होंने कहा कि कई स्वतंत्रता सेनानी दिल में ‘वंदे मातरम’ लिए और इसका नारा लगाते हुए फांसी के फंदे तक गए।
उपराष्ट्रपति ने बताया कि सांसद के तौर पर उन्हें राष्ट्रीय गीत की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर विशेष चर्चा में शामिल होने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि यह चर्चा राज्यसभा के पीठासीन अधिकारी के रूप में उनके पहले सत्र के दौरान हुई और संसद में 12 घंटे से अधिक चली। उन्होंने इसे सत्र की सबसे दिलचस्प और सार्थक चर्चाओं में से एक बताया।
सेलुलर जेल के बलिदान को किया याद
उपराष्ट्रपति ने ऐतिहासिक सेलुलर जेल की अपनी यात्रा को भी भावुक कर देने वाला अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि वहां वीर सावरकर और कई स्वतंत्रता सेनानियों को एकांत कारावास में रखा गया था।
उन्होंने कहा कि सेलुलर जेल के कई बहादुर कैदी ‘वंदे मातरम’ का नारा लगाते और बुलंद आवाज में गीत गाते हुए फांसी के फंदे की ओर बढ़े। उनका साहस और बलिदान देश की हर पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा।
अंडमान में हर घर तिरंगा अभियान की शुरुआत को किया याद
सीपी राधाकृष्णन ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की अपनी यात्रा का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि श्री विजयपुरम के ध्वज बिंदु पर तिरंगा फहराकर हर घर तिरंगा अभियान की शुरुआत की थी।
श्री विजयपुरम का ध्वज बिंदु वह स्थान है जहां स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने 30 दिसंबर 1943 को राष्ट्रीय ध्वज फहराकर अंडमान और निकोबार द्वीप समूह को ब्रिटिश शासन से मुक्त घोषित किया था।
बाइक रैली में प्रतिभागियों ने तिरंगा लहराकर देशभक्ति का सशक्त प्रदर्शन किया और राष्ट्र की प्रगति तथा एकता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।



