नई दिल्ली, 12 सितंबर। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के दौरान दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी से मुलाकात की। नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर हुई इस बैठक को भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच व्यापारिक एवं निवेश संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
भारत-दक्षिण अफ्रीका आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने पर जोर
दक्षिण अफ्रीकी सरकार ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि राष्ट्रपति रामाफोसा ने नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान गौतम अदाणी से मुलाकात की। यह बैठक दक्षिण अफ्रीका की उन व्यावसायिक गतिविधियों का हिस्सा थी, जिनका उद्देश्य भारत के साथ आर्थिक सहयोग और निवेश साझेदारी को नई गति देना है।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के दौरान दक्षिण अफ्रीका व्यापार और निवेश के अवसरों को बढ़ाने के साथ औद्योगीकरण को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दे रहा है। दक्षिण अफ्रीका का लक्ष्य मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देना तथा अफ्रीकी महाद्वीपीय मुक्त व्यापार क्षेत्र के अनुरूप अफ्रीकी अवसंरचना परियोजनाओं में निवेश आकर्षित करना है।
शिखर सम्मेलन से पहले रणनीतिक बैठक
राष्ट्रपति रामाफोसा ने शिखर सम्मेलन से पहले दक्षिण अफ्रीकी प्रतिनिधिमंडल के साथ एक रणनीतिक बैठक भी की। इसमें ब्रिक्स मंच पर दक्षिण अफ्रीका की कूटनीतिक और आर्थिक प्राथमिकताओं पर चर्चा की गई।
भारत यात्रा के दौरान राष्ट्रपति रामाफोसा के साथ दक्षिण अफ्रीका के अंतरराष्ट्रीय संबंध एवं सहयोग मंत्री रोनाल्ड लामोला, राष्ट्रपति कार्यालय की मंत्री खुंबुद्जो न्तशावेनी, व्यापार, उद्योग और प्रतिस्पर्धा के उपमंत्री ज़ुको गोडलिम्पी समेत अन्य वरिष्ठ सरकारी अधिकारी मौजूद हैं।
ब्रिक्स बिजनेस फोरम में आर्थिक सहयोग पर चर्चा
राष्ट्रपति रामाफोसा ने ब्रिक्स बिजनेस फोरम को भी संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने व्यापार, वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं, कृषि, महिला-नेतृत्व वाले विकास, डिजिटल अर्थव्यवस्था और नवाचार जैसे विषयों पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों के बीच गहरा आर्थिक सहयोग विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के लिए नए अवसर पैदा कर सकता है।
बंद-द्वार सत्र में वैश्विक शासन पर मंथन
शनिवार को राष्ट्रपति रामाफोसा ब्रिक्स नेताओं के विशेष बंद-द्वार सत्र में हिस्सा लेंगे। इस सत्र का विषय “समावेशी वैश्विक शासन और बहुपक्षवाद को मजबूत बनाना” है। इसमें संयुक्त राष्ट्र प्रणाली, अंतरराष्ट्रीय वित्तीय ढांचे और बहुपक्षीय व्यापार व्यवस्था में सुधार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी। इसका उद्देश्य वैश्विक संस्थाओं को अधिक प्रतिनिधिक और प्रभावी बनाना है।
इसके अलावा, दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति भारत-दक्षिण अफ्रीका बिजनेस लीडरशिप राउंडटेबल को भी संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार और निवेश सहयोग को और मजबूत करना है। यात्रा के दौरान राष्ट्रपति रामाफोसा अन्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों, सरकार प्रमुखों और उद्योग जगत के नेताओं के साथ भी द्विपक्षीय बैठकें करेंगे।



