हरिद्वार, 31 अगस्त। उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में हरिद्वार को साफ, स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष हरिद्वार स्वच्छता अभियान चलाने और उसकी लगातार निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि हरिद्वार विश्व प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन नगरी है। ऐसे में स्वच्छता व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नगर निगम, नगर पालिकाओं, नगर पंचायतों, जिला पंचायत, ग्राम पंचायतों और खंड विकास अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित सफाई अभियान चलाने के साथ उसकी प्रभावी निगरानी करनी होगी।
सिंगल यूज प्लास्टिक पर होगी सख्ती
बैठक में जिलाधिकारी ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर सिंगल यूज प्लास्टिक के निर्माण, भंडारण, बिक्री और उपयोग पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोई दुकानदार, व्यापारी, प्रतिष्ठान या अन्य व्यक्ति प्रतिबंधित सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ तत्काल चालानी कार्रवाई की जाए।
अधिकारियों को प्लास्टिक से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति आमजन को जागरूक करने और कपड़े, जूट समेत अन्य पर्यावरण अनुकूल विकल्पों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए गए।
जनभागीदारी से चलेगा स्वच्छ हरिद्वार अभियान
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने स्वच्छता अभियान को जनअभियान बनाने पर जोर दिया। उन्होंने स्वयंसेवी संस्थाओं, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, औद्योगिक इकाइयों, धार्मिक संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘स्वच्छ हरिद्वार और प्लास्टिक मुक्त हरिद्वार’ अभियान को पूरी गंभीरता से संचालित किया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
सरकारी कार्यालयों के शौचालयों की भी होगी निगरानी
समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने सभी जिलास्तरीय अधिकारियों को अपने अधीन कार्यालयों में संचालित शौचालयों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। कार्यालय अध्यक्षों को शौचालयों की स्वच्छता की नियमित निगरानी करनी होगी।
इसके साथ ही मुख्य विकास अधिकारी द्वारा तैयार प्रारूप के अनुसार कार्यालयों में संचालित शौचालयों का पूर्ण विवरण उसी दिन नोडल अधिकारी स्वच्छता को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।



