गोपेश्वर, 28 अगस्त। रक्षाबंधन के अवसर पर शुक्रवार को संकल्प अभियान के तहत पेड़ों को रक्षा सूत्र बांधकर उनके संरक्षण का संकल्प लिया गया। इस दौरान चिपको आंदोलन के नेता स्वर्गीय चक्रधर तिवारी की 13वीं पुण्यतिथि पर उनके पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
चक्रधर तिवारी को बताया ‘वृक्ष ऋषि’
कार्यक्रम में दर्शन बत्र्वाल ने चक्रधर तिवारी को ‘वृक्ष ऋषि’ बताते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सरोकारों के लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि चक्रधर तिवारी ने प्रकृति संरक्षण को जनअभियान से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस अवसर पर उनके योगदान को याद करते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।
डेढ़ दशक से चल रहा संकल्प अभियान
संकल्प अभियान के संयोजक मनोज तिवारी ने कहा कि चक्रधर तिवारी की स्मृति में उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया। उन्होंने बताया कि पिछले डेढ़ दशक से रक्षाबंधन के अवसर पर पेड़ों को रक्षा सूत्र बांधकर उनके संरक्षण का संदेश दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य बच्चों को प्रकृति और संस्कृति के संरक्षण से जोड़ना तथा उनमें पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और संस्कार विकसित करना है। मनोज तिवारी ने कहा कि बच्चों को प्रकृति से जोड़कर ही पर्यावरण संरक्षण की भावना को आने वाली पीढ़ी तक पहुंचाया जा सकता है।
बच्चों और मातृशक्ति ने की सहभागिता
रक्षाबंधन पर पेड़ों को रक्षा सूत्र बांधने के इस अभियान में बच्चों और मातृशक्ति ने भी सहभागिता की। कार्यक्रम के माध्यम से पेड़ों और प्रकृति के संरक्षण का संदेश दिया गया तथा चिपको आंदोलन से जुड़े चक्रधर तिवारी के पर्यावरणीय योगदान को स्मरण किया गया।
इस अवसर पर सुधीर चमोली, दीवान नेगी, सतेश्वरी तिवारी, रश्मि थपलियाल, मनोरमा हटवाल, मालमती रावत, अर्नव तिवारी, सीमा तिवारी, रेखा सती, सुमन और मोली रौतेला समेत बड़ी संख्या में बच्चे और महिलाएं मौजूद रहीं।



