नई दिल्ली, 21 अगस्त। भारत और थाईलैंड की सेनाओं के बीच थाईलैंड में महत्वपूर्ण संयुक्त युद्धाभ्यास ‘मैत्री’ शुरू हो गया है। अभ्यास में दोनों देशों के जवान जंगल युद्ध और आतंकवाद रोधी अभियानों का प्रशिक्षण ले रहे हैं। इसका उद्देश्य दोनों सेनाओं के बीच आपसी तालमेल और संयुक्त अभियान की क्षमता को मजबूत करना है।
31 अगस्त तक चलेगा संयुक्त युद्धाभ्यास मैत्री
भारत-थाईलैंड संयुक्त युद्धाभ्यास मैत्री का आयोजन थाईलैंड के सूरतथानी स्थित विभावदी रंगसित शिविर में किया जा रहा है। यह अभ्यास 31 अगस्त तक चलेगा। इसमें भारतीय सेना और रॉयल थाई सेना के 85-85 जवान हिस्सा ले रहे हैं।
भारतीय दल का प्रतिनिधित्व 9 गोरखा राइफल्स कर रही है, जबकि थाईलैंड की ओर से 3वीं बटालियन, 25वीं इन्फैंट्री ब्रिगेड अभ्यास में शामिल है। उद्घाटन समारोह रॉयल थाई सेना के 4वें आर्मी एरिया के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल नोराथिप फोयनोक की अध्यक्षता में हुआ।
जंगल और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में आतंकवाद रोधी प्रशिक्षण
अभ्यास के दौरान दोनों देशों के सैनिक जंगल के साथ-साथ अर्ध-शहरी क्षेत्रों में आतंकवाद रोधी और उग्रवाद रोधी अभियानों का अभ्यास कर रहे हैं। जवान जंगल में आतंकवादियों का मुकाबला करने, प्राथमिक उपचार देने और घायल सैनिकों को सुरक्षित निकालने का प्रशिक्षण भी ले रहे हैं।
दोनों सेनाओं के जवान एक-दूसरे के अभियान अनुभव और युद्धक तकनीकों को समझ रहे हैं। संयुक्त अभियानों में मानवरहित हवाई वाहनों (यूएवी) के इस्तेमाल पर भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे सैनिकों को आधुनिक तकनीक के साथ अभियान चलाने का अनुभव मिल रहा है।
भारतीय सैनिकों ने सीखी मुए थाई
‘मैत्री’ अभ्यास के दौरान भारतीय सैनिकों को थाईलैंड की पारंपरिक युद्धकला मुए थाई का भी प्रशिक्षण दिया गया। इसे आमतौर पर ‘आठ अंगों की कला’ कहा जाता है। इसमें मुक्कों, कोहनियों, घुटनों और पिंडलियों का समन्वित इस्तेमाल किया जाता है।
मुए थाई प्रशिक्षण से सैनिकों की शारीरिक क्षमता, फुर्ती और नजदीकी लड़ाई के कौशल को बेहतर बनाने में मदद मिली। इसके साथ ही दोनों देशों के सैनिकों को एक-दूसरे की संस्कृति और सैन्य परंपराओं को समझने का अवसर भी मिला। इससे दोनों दलों के बीच आपसी विश्वास और दोस्ती को मजबूत करने में मदद मिली।
प्रमाणीकरण अभ्यास के साथ होगा समापन
अभ्यास के अगले चरणों में प्रशिक्षण को और कठिन बनाया जाएगा। भारत-थाईलैंड संयुक्त युद्धाभ्यास मैत्री का समापन एक प्रमाणीकरण अभ्यास के साथ होगा, जिसमें दोनों देशों के सैनिक संयुक्त अभियान के दौरान हासिल क्षमताओं का प्रदर्शन करेंगे।
‘मैत्री’ से भारत और थाईलैंड की सेनाओं के बीच सैन्य सहयोग, आपसी समझ और अभियान में तालमेल और मजबूत होने की उम्मीद है। यह अभ्यास दोनों सेनाओं के लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों को भी और मजबूत करेगा।



