गोपेश्वर, 13 अगस्त। चमोली जिले के दशोली ब्लॉक की निजमुला घाटी स्थित धारकुमाला गांव के ग्रामीण लंबे समय से सड़क सुविधा की मांग को लेकर परेशान हैं। सड़क संपर्क नहीं होने के कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए करीब आठ किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई पैदल तय करनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय गोपेश्वर पहुंचकर जिलाधिकारी गौरव कुमार को ज्ञापन सौंपा और धारकुमाला गांव को सड़क से जोड़ने तथा संचार सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की।
बदरीनाथ विधायक लखपत बुटोला और ग्राम प्रधान महेंद्र कुमार के नेतृत्व में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि दूरस्थ क्षेत्र में स्थित धारकुमाला गांव की आबादी 300 से अधिक हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद गांव सड़क सुविधा से वंचित है।
आठ किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई चढ़ने को मजबूर ग्रामीण
ग्रामीणों ने ज्ञापन में कहा कि लगातार आंदोलन और मांग उठाने के बावजूद उनकी समस्या की अनदेखी की जा रही है। सड़क के अभाव में उन्हें रोजमर्रा की आवश्यकताओं के लिए करीब आठ किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई तय करनी पड़ती है। सबसे अधिक परेशानी गर्भवती महिलाओं और बीमार लोगों को होती है, जिन्हें अस्पताल पहुंचाने के लिए डंडी-कंडी का सहारा लेना पड़ता है।
ग्रामीणों के अनुसार, अस्पताल पहुंचने के लिए उन्हें सड़क से करीब 35 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। उन्होंने बताया कि समय पर उपचार नहीं मिलने के कारण आलमी देवी, गुमानी राम और गणेशी देवी को असमय जान गंवानी पड़ी। ग्रामीणों का कहना है कि आए दिन लोगों पर इसी तरह का खतरा बना रहता है।
आपदा और बीमारी के समय बढ़ जाती है परेशानी
ग्रामीणों ने बताया कि दैवीय आपदा के दौरान भी सड़क सुविधा नहीं होने से लोगों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता है। गांव में बीमारी फैलने की स्थिति में स्वास्थ्य विभाग की टीम को भी वहां पहुंचने में कठिनाई होती है। संचार सुविधा के अभाव में ग्रामीणों का शासन-प्रशासन से संपर्क करना भी मुश्किल है।
मोबाइल टावर और सड़क सुविधा की मांग
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी के समक्ष यह भी बताया कि सड़क सुविधा के अभाव में गांव में विकास कार्यक्रम संचालित करने में कठिनाइयां आती हैं। विकास कार्यों के लिए आवश्यक सामग्री गांव तक पहुंचाना भी चुनौतीपूर्ण है।
ग्रामीणों ने धारकुमाला गांव को सड़क से जोड़ने के साथ ही संचार सुविधा के लिए मोबाइल टावर स्थापित करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
इस दौरान राजेन्द्र सिंह, अनीता देवी, देवकी देवी, प्रतापी राम, पुष्पेन्द्र आर्य समेत तमाम ग्रामीण मौजूद रहे।



