नई दिल्ली, 10 अगस्त। केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने सोमवार को कहा कि सरकार भारतीय विमानन क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाकर 25 प्रतिशत तक पहुंचाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत महिला पायलटों की हिस्सेदारी के मामले में पहले ही वैश्विक औसत से काफी आगे है। अब सरकार का लक्ष्य विमानन क्षेत्र के अन्य विभागों में भी महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना है।
विमानन क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर
एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राम मोहन नायडू ने कहा कि वर्तमान में भारत में करीब 15 प्रतिशत पायलट महिलाएं हैं, जबकि वैश्विक स्तर पर महिला पायलटों की हिस्सेदारी लगभग 5 प्रतिशत है। उन्होंने इसे भारत के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि अब विमानन क्षेत्र के प्रत्येक हिस्से में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की जरूरत है।
राम मोहन नायडू ने कहा कि नारी शक्ति भारत के विमानन विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जा रही है। उन्होंने कहा कि भारत में 15 प्रतिशत पायलट महिलाएं हैं, जबकि वैश्विक औसत करीब 5 प्रतिशत है। सरकार इस हिस्सेदारी को बढ़ाकर 25 प्रतिशत तक ले जाना चाहती है और विमानन क्षेत्र में महिलाओं के लिए अधिक अवसर पैदा करने पर काम कर रही है।
केवल महिला पायलटों तक सीमित नहीं होगा लक्ष्य
केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि विमानन क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का 25 प्रतिशत लक्ष्य केवल महिला पायलटों तक सीमित नहीं है। इसमें विमानन क्षेत्र के पूरे कार्यबल को शामिल किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि हवाई अड्डों से जुड़े रोजगार, तकनीकी सेवाओं, प्रबंधन पदों, नई उभरती तकनीकों और भविष्य की विमानन सेवाओं से जुड़े अवसरों में भी महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
नायडू ने कहा कि भारत ने हमेशा महिलाओं को विमानन क्षेत्र में प्रवेश करने, योगदान देने और नेतृत्व संभालने के लिए प्रोत्साहित किया है। देश ने इस दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है, लेकिन अभी और आगे बढ़ने की आवश्यकता है।
वैश्विक औसत से तीन गुना अधिक महिला पायलट
राम मोहन नायडू ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी के मामले में भारत दुनिया के कई देशों के लिए उदाहरण बन चुका है। उन्होंने कहा कि भारतीय विमानन उद्योग में महिला पायलटों की संख्या वैश्विक औसत की तुलना में करीब तीन गुना अधिक है। उनके अनुसार, यह देश में अवसरों की उपलब्धता और समावेशी सोच को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि विमानन क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को और बढ़ाने के लिए ऐसा वातावरण तैयार करना जरूरी है, जहां महिलाएं सहजता से काम कर सकें, अपने करियर में आगे बढ़ सकें और नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभा सकें।
एयरपोर्ट से नई तकनीकों तक बढ़ेंगे अवसर
मंत्री ने कहा कि महिलाओं की अधिक भागीदारी केवल पारंपरिक विमानन भूमिकाओं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। एयरपोर्ट से जुड़े कार्यों के अलावा ईवीटीओएल जैसी नई तकनीकों और विमानन क्षेत्र में विकसित हो रहे अन्य इकोसिस्टम में भी महिलाओं के लिए अवसर बढ़ाए जाने चाहिए।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि महिलाओं को केवल रोजगार के अवसर ही नहीं, बल्कि निर्णय लेने और नेतृत्व करने की भूमिकाएं भी मिलनी चाहिए।
कार्यक्रम में महिलाओं की अच्छी भागीदारी का उल्लेख करते हुए नायडू ने कहा कि बड़ी संख्या में महिलाओं को विमानन क्षेत्र में रुचि लेते देखकर उन्हें उत्साह मिला है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में और अधिक युवा महिलाएं पायलट, इंजीनियर, एयर ट्रैफिक कंट्रोलर, एविएशन मैनेजर और अन्य पेशेवर भूमिकाओं में करियर बनाने के लिए आगे आएंगी।



