हरिद्वार, 14 अगस्त। भारत विभाजन के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले नागरिकों को श्रद्धांजलि देने और विस्थापित परिवारों के संघर्ष एवं पीड़ा को स्मरण करने के उद्देश्य से 14 अगस्त को हरिद्वार पुलिस की ओर से विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया गया। इस अवसर पर पुलिस कार्यालय, पुलिस लाइन सहित जनपद के सभी थानों, कार्यालयों और विभिन्न शाखाओं में कार्यक्रम आयोजित किए गए।
दो मिनट का मौन रखकर दी श्रद्धांजलि
कार्यक्रमों के दौरान भारत विभाजन के समय मृत्यु को प्राप्त हुए नागरिकों की स्मृति में दो मिनट का मौन रखा गया। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने दिवंगत नागरिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों के प्रति सम्मान व्यक्त किया।
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर पुलिस कार्यालय और पुलिस लाइन के साथ जनपद के सभी थाना, कार्यालय एवं विभिन्न शाखाओं में कर्मचारियों ने कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान विभाजन की त्रासदी में प्रभावित हुए लोगों के संघर्ष और पीड़ा को याद किया गया।
राष्ट्रीय एकता और अखंडता का लिया संकल्प
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता और देश की अखंडता को मजबूत बनाए रखने का संकल्प लिया गया। पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने विभाजन के दौरान विस्थापित परिवारों द्वारा झेली गई कठिनाइयों और संघर्ष को स्मरण किया।
इस अवसर पर विश्व शांति और आपसी भाईचारे के मूल्यों को मजबूत करने का संदेश दिया गया। पुलिस की ओर से आयोजित कार्यक्रमों में विभाजन की त्रासदी से मिली सीख को याद करते हुए सामाजिक सौहार्द बनाए रखने पर जोर दिया गया।
नई पीढ़ी को इतिहास से अवगत कराने का उद्देश्य
हरिद्वार पुलिस की ओर से आयोजित विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का उद्देश्य नई पीढ़ी को भारत विभाजन की त्रासदी से अवगत कराना भी रहा। कार्यक्रम के माध्यम से देश की एकता, अखंडता और सामाजिक सौहार्द के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया।
पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने विभाजन के पीड़ित परिवारों के संघर्ष और पीड़ा को याद करते हुए आपसी भाईचारे, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता के मूल्यों को मजबूत बनाए रखने का संकल्प लिया।



