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हरिद्वार में एसडीआरएफ की तत्परता से टले दो बड़े हादसे, गंगा में डूब रहे दो युवकों को बचाया

हरिद्वार, 31 जुलाई। कांवड़ मेले के दौरान हरिद्वार में एसडीआरएफ उत्तराखंड की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से दो बड़े हादसे टल गए। कांगड़ा घाट पर अलग-अलग समय पर गंगा की तेज धारा में फंसे दो युवकों को एसडीआरएफ की टीम ने समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया। दोनों युवकों को प्राथमिक सहायता देने के बाद सुरक्षित परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। इस दौरान एसडीआरएफ ने श्रद्धालुओं से गंगा में स्नान करते समय सुरक्षा मानकों का पालन करने की अपील भी की।

तेज बहाव में फंसा पहला युवक, तुरंत किया गया रेस्क्यू

पहली घटना में झांसी निवासी 18 वर्षीय सुधीश ठाकुर गंगा में स्नान के दौरान अचानक तेज धारा की चपेट में आ गए। घाट पर तैनात एसडीआरएफ टीम ने स्थिति को गंभीरता से भांपते हुए बिना समय गंवाए नदी में छलांग लगाई और उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया। प्राथमिक उपचार के बाद युवक की स्थिति सामान्य बताई गई।

दूसरी घटना में भी दिखाई तत्परता

कुछ समय बाद दूसरी घटना में बागपत निवासी 28 वर्षीय राहुल गहरे पानी और तेज बहाव में फंस गए। मौके पर मौजूद एसडीआरएफ टीम ने तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया और युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय पर की गई कार्रवाई के कारण संभावित बड़ा हादसा टल गया।

दोनों युवकों ने सुरक्षित बाहर आने के बाद एसडीआरएफ टीम का आभार व्यक्त किया और जवानों की त्वरित प्रतिक्रिया, साहस तथा सेवा भावना की सराहना की।

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सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील

एसडीआरएफ अधिकारियों ने कहा कि कांवड़ मेले के दौरान गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे केवल निर्धारित और सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करें, गहरे पानी में जाने से बचें तथा सुरक्षा बलों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

अधिकारियों ने बताया कि कांवड़ मेले की अवधि में एसडीआरएफ की टीमें संवेदनशील घाटों पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य किया जा सके और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो।

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