हरिद्वार, 13 अगस्त। हरिद्वार शहरवासियों को अब आपात स्थिति में रक्त की जरूरत पड़ने पर देहरादून या ऋषिकेश जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। रानीपुर मोड़ पर संजीवनी ब्लड सेंटर का शुभारंभ पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आरके सिंह ने किया।
नए ब्लड सेंटर के शुरू होने से शहर में जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। उद्घाटन अवसर पर रक्तदान और जनसेवा के महत्व पर भी जोर दिया गया।
आचार्य बालकृष्ण ने रक्तदान के लिए किया आह्वान
उद्घाटन के बाद आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि रक्तदान के माध्यम से किसी व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है और यह सबसे बड़ा मानवीय कार्य है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से रक्तदान में भाग लेने की अपील की, ताकि संजीवनी ब्लड सेंटर का सुचारु रूप से संचालन हो सके।
उन्होंने कहा कि पतंजलि हमेशा समाज सेवा और जनकल्याण से जुड़े कार्यों के साथ खड़ी है। रक्तदान को लेकर लोगों की भागीदारी बढ़ने से जरूरतमंदों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सकेगा।
400 यूनिट से शुरू हुई ब्लड सेंटर की क्षमता
संजीवनी ब्लड बैंक के निदेशक डॉ. रविकांत शर्मा ने बताया कि हरिद्वार में वर्तमान में आठ ब्लड बैंक हैं, जबकि रक्त की मांग काफी अधिक है। मेलों और दुर्घटनाओं के दौरान रक्त की आवश्यकता और बढ़ जाती है।
उन्होंने बताया कि नए संजीवनी ब्लड बैंक में सभी ब्लड ग्रुप सरकारी दरों पर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहेंगे। वर्तमान में ब्लड बैंक की क्षमता 400 यूनिट है। इसे एक वर्ष के भीतर बढ़ाकर 2500 यूनिट तक करने की योजना है।
स्वास्थ्य विभाग हर संभव सहयोग करेगा
सीएमओ डॉ. आरके सिंह ने कहा कि नए ब्लड बैंक के शुरू होने से मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से हर संभव सहयोग किया जाएगा, ताकि लोगों को समय पर सुरक्षित रक्त मिल सके।
इस अवसर पर प्रेस क्लब अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी, वरिष्ठ पत्रकार रजनीकांत शुक्ला, समाजसेवी पराग गुप्ता, भाजपा नेता विशाल गर्ग सहित चिकित्सक, सामाजिक कार्यकर्ता और पतंजलि के पदाधिकारी उपस्थित रहे।



