देहरादून, 22 अगस्त। विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर प्रक्रिया को लेकर शनिवार को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे की अध्यक्षता में हुई बैठक में एसआईआर की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। इस दौरान राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से सुझाव भी लिए गए।
24 लाख मतदाताओं को जारी किए गए नोटिस
बैठक में डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने एसआईआर प्रक्रिया की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ड्राफ्ट रोल में शामिल कुल 71 लाख मतदाताओं में से अनमैप्ड और विसंगति वाले 24 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि इन नोटिसों में से 15 लाख से अधिक मामलों में अब तक सुनवाई पूरी हो चुकी है। वहीं, शेष मामलों में कार्रवाई जारी है। अधिकारियों के अनुसार एसआईआर प्रक्रिया के तहत संबंधित मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया नियमानुसार और पारदर्शी तरीके से संपादित की जा रही है। प्रक्रिया की निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए नौ वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को पर्यवेक्षण अधिकारी के तौर पर अतिरिक्त तैनाती दी गई है।
बैठक में एसआईआर की वर्तमान स्थिति पर चर्चा के साथ राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के सुझाव भी लिए गए। निर्वाचन प्रक्रिया को नियमों के अनुसार आगे बढ़ाने और इसकी निगरानी को लेकर भी जानकारी साझा की गई।
कई राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि रहे मौजूद
बैठक में सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास मौजूद रहे। राजनीतिक दलों की ओर से भाजपा के अनिल गोयल और राजकुमार पुरोहित, कांग्रेस के मनोज रावत और मौ. सुलेमान अंसारी, बसपा के सत्यपाल, सतेंद्र, जसपाल और सतेंद्र चोपड़ा, आम आदमी पार्टी के श्याम बाबू पांड्य तथा सीपीआई (एम) के अनंत आकाश ने हिस्सा लिया।
बैठक के दौरान एसआईआर प्रक्रिया की प्रगति और उससे जुड़े विभिन्न विषयों पर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा की गई।



