देहरादून, 16 अगस्त: उत्तराखंड में साढ़े चार साल के कार्यकाल में 34 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी देने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अब स्वरोजगार और उद्यमिता के जरिए युवाओं के लिए नए अवसर विकसित करने पर जोर दिया है। स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री की ओर से की गई सात घोषणाओं में चार सीधे तौर पर युवाओं से जुड़ी हैं।
पर्वतीय क्षेत्रों में बनेंगे विशेष औद्योगिक पार्क
मुख्यमंत्री ने चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में विशेष औद्योगिक पार्क स्थापित करने की घोषणा की है। इन पार्कों के माध्यम से पर्वतीय क्षेत्रों में उपलब्ध स्थानीय संसाधनों और युवाओं की क्षमता के अनुरूप रोजगार तथा उद्यमिता के अवसर विकसित किए जाएंगे।
सरकार का जोर अब युवाओं को केवल सरकारी नौकरी तक सीमित रखने के बजाय उन्हें स्वरोजगार और उद्यम स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करने पर है।
युवा स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रोत्साहन योजना
18 से 30 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं के लिए मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार एवं उद्यमिता प्रोत्साहन योजना शुरू करने की घोषणा की गई है। इस योजना के तहत आईआईटी और आईआईएम जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के सहयोग से युवाओं को निःशुल्क उद्यमिता एवं कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा।
उद्यम स्थापित करने के लिए बैंक ऋण की 30 प्रतिशत राशि अनुदान के रूप में उपलब्ध कराने का भी प्रावधान किया गया है। इससे युवाओं को अपना कारोबार शुरू करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
पहली बार बनेगा युवा आयोग
युवाओं से जुड़े विषयों को संस्थागत रूप से आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश में पहली बार युवा आयोग की स्थापना की जाएगी। यह आयोग शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और उद्यमिता से जुड़े विषयों पर सुझाव देने के साथ नीतिगत पहल के लिए एक मंच के रूप में काम करेगा।
सीमावर्ती युवाओं और पूर्व सैनिकों को प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने सीमावर्ती गांवों के युवाओं, पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों को स्वरोजगार एवं उद्यम स्थापित करने के लिए अतिरिक्त सहायता और प्रोत्साहन देने की घोषणा भी की है। सरकार का मानना है कि इससे सीमांत क्षेत्रों में स्थानीय आजीविका के अवसर बढ़ाने और पलायन की चुनौती से निपटने में मदद मिलेगी।
अग्निवीरों और पूर्व सैनिकों के अनुभव तथा कौशल को उद्यमिता से जोड़ने पर भी जोर दिया गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य युवाओं को केवल रोजगार पाने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है। सरकारी सेवाओं में पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती के बाद अब कौशल विकास, स्वरोजगार और उद्यमिता के माध्यम से युवाओं के लिए नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं।



