नई दिल्ली, 22 अगस्त। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि उनकी सरकार केवल नियमों में बदलाव तक सीमित नहीं है, बल्कि नियमों से जुड़ी पूरी नीति को बदलने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने सुधारों को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि भारत की आर्थिक विकास दर को बनाए रखने और शासन व्यवस्था को सरल बनाने के लिए अगली पीढ़ी के सुधार लागू किए जा रहे हैं।
राजनीतिक स्थिरता और नीतियों में निरंतरता
दिल्ली में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में राजनीतिक स्थिरता और नीतियों में निरंतरता है। उन्होंने कहा कि दुनिया इस समय आर्थिक विकास को लेकर कई चुनौतियों का सामना कर रही है और संसाधनों का इस्तेमाल दबाव बनाने के साधन के तौर पर किया जा रहा है। इसके बावजूद दुनिया भारत को विकास के एक उज्ज्वल केंद्र के रूप में देख रही है।
प्रधानमंत्री ने पिछली सरकारों की नीतियों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी व्यवस्था लोगों को अभाव में रखने वाली थी। इसके कारण लोगों को बुनियादी जरूरतों के लिए भी सरकार पर निर्भर रहना पड़ता था।
लाइसेंस राज पर प्रधानमंत्री का निशाना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि लाइसेंस राज ने बेरोजगारी की समस्या को बढ़ाया, जबकि उनकी सरकार नए अवसर पैदा करने पर जोर दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का मानना है कि कानून के तहत जिस काम पर स्पष्ट रोक नहीं है, उसके लिए अलग से अनुमति लेने की जरूरत नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि शासन को आसान बनाने और लोगों के जीवन में सहूलियत लाने के लिए नीतिगत स्तर पर बदलाव किए जा रहे हैं। सरकार का जोर ऐसी व्यवस्था विकसित करने पर है, जिसमें नियमों को सरल बनाकर लोगों और उद्यमों के लिए काम करना आसान हो।
अंतरिक्ष स्टार्टअप के साथ सरकार खड़ी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत अंतरिक्ष क्षेत्र में दुनिया के सामने मजबूत और नवोन्मेषी मॉडल पेश करने के लिए तैयार हो रहा है। उन्होंने अंतरिक्ष गतिविधियों से जुड़ी 20 स्टार्टअप कंपनियों के सीईओ और संस्थापकों के साथ बातचीत के दौरान युवा अंतरिक्ष उद्यमियों को सरकार के पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया।
उन्होंने स्टार्टअप से अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल को कृषि, पशुधन प्रबंधन, डेयरी, पर्यावरण और आम लोगों के रोजमर्रा के जीवन से जुड़े अन्य क्षेत्रों तक ले जाने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत सरकार भविष्य के लिए देश की क्षमताओं को विकसित करने में अंतरिक्ष स्टार्टअप के साथ खड़ी रहेगी।
उन्होंने अंतरिक्ष क्षेत्र में काम कर रही कंपनियों से अपनी प्रौद्योगिकियों के नए क्षेत्रों में इस्तेमाल पर विचार करने और लोगों का जीवन आसान बनाने के तरीकों पर गौर करने को कहा। प्रधानमंत्री ने कहा कि अंतरिक्ष मलबा हटाने में जुटी कंपनियां पर्यावरण संगठनों के साथ मिलकर अपनी प्रौद्योगिकियों का विस्तार कर सकती हैं।
मोदी ने कहा कि भारत का निजी अंतरिक्ष क्षेत्र बड़ी ताकत बन सकता है और ऐसा परिवेश विकसित किया जाना चाहिए, जहां दुनिया अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए भारत की ओर देखे।
छोटे बदलावों से बदल रही तस्वीर
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय रेलवे, दिल्ली मेट्रो और नमो रैपिड रेल में हुए छोटे-छोटे बदलाव बताते हैं कि देश समय के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पहले भारत का नक्शा तैयार करने के लिए भी अनुमति लेनी पड़ती थी, जबकि विदेशी उपग्रह भारत की मैपिंग कर सकते थे। उनकी सरकार ने इस व्यवस्था को बदला है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि सीमा से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत किया गया है और सीमा क्षेत्रों की तस्वीर बदली है। उन्होंने इन बदलावों को देश में हो रहे व्यापक नीतिगत और प्रशासनिक परिवर्तन से जोड़ते हुए अगली पीढ़ी के सुधारों की दिशा में आगे बढ़ने पर जोर दिया।



