नई दिल्ली, 21 अगस्त। भारत और सिंगापुर के बीच चौथी मंत्रिस्तरीय गोलमेज बैठक गुरुवार को सिंगापुर में हुई। बैठक में दोनों देशों के मंत्रियों ने व्यापक रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा की। उन्नत विनिर्माण, कनेक्टिविटी, डिजिटलीकरण, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा, कौशल विकास और स्थिरता जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर विस्तार से चर्चा हुई।
हरित अर्थव्यवस्था और डिजिटल कनेक्टिविटी पर जोर
विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि बैठक में दोनों पक्षों ने हरित अर्थव्यवस्था, औद्योगिक पार्क, खाद्य सुरक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी और फिनटेक के साथ-साथ सेमीकंडक्टर तथा हरित शिपिंग के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
मंत्रियों ने यूपीआई-पे नाउ लेनदेन में बढ़ोतरी, सिंगापुर में भारतीय जेनेरिक दवाओं के पंजीकरण के पायलट प्रोजेक्ट और भारतीय लीची, आम, चेरी तथा बेर के निर्यात सहित विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति का उल्लेख किया। प्रसंस्कृत पोल्ट्री उत्पादों के निर्यात के लिए मंजूरी को भी महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल किया गया।
बैठक में चेन्नई में राष्ट्रीय कौशल उत्कृष्टता केंद्र के विकास, चौथे सिंगापुर-भारत हैकाथॉन, सेमीकंडक्टर के लिए आगामी ग्रीन लेन पहल और हरित हाइड्रोजन आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ी प्रगति की भी समीक्षा की गई। इसके अलावा, बेंगलुरु में सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के कार्यालय के खुलने का भी उल्लेख किया गया।
दो समझौता ज्ञापनों और आशय पत्र का आदान-प्रदान
दोनों पक्षों ने खाद्य सुरक्षा सहयोग, समुद्री विरासत सहयोग तथा दूरसंचार और प्रसारण क्षेत्र में नियामकीय सूचना के आदान-प्रदान से जुड़े दो समझौता ज्ञापनों और एक आशय पत्र का आदान-प्रदान किया।
भारत और सिंगापुर ने भारतीय राज्यों और सिंगापुर के बीच संबंधों को और मजबूत करने पर भी सहमति जताई। इसमें भारत के मुख्यमंत्रियों की सिंगापुर की नियमित यात्राएं भी शामिल हैं।
भारतीय मंत्रियों ने सिंगापुर के नेताओं से की मुलाकात
भारतीय मंत्रियों ने सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग से मुलाकात की। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने परिवहन मंत्री और वित्त राज्य मंत्री जेफ्री सिओ से बैठक की। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सिंगापुर के मंत्रियों के. षणमुगम और विवियन बालाकृष्णन के साथ अलग-अलग बैठकें कीं।
एस. जयशंकर ने विवियन बालाकृष्णन के साथ सिंगापुर में भारतीय उच्चायोग के नए चांसरी-सह-आवासीय भवन परिसर की आधारशिला भी रखी।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-सिंगापुर बिजनेस फोरम को संबोधित किया और संभावित निवेशकों तथा उद्योग भागीदारों के साथ बैठकें कीं। वहीं, राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र के हितधारकों के साथ बातचीत की।
सेमीकंडक्टर सहयोग और भविष्य की साझेदारी
इस अवसर पर सेमीकंडक्टर उद्योग गोलमेज बैठक भी आयोजित की गई। मंत्रियों ने चौथी भारत-सिंगापुर बिजनेस राउंडटेबल की रिपोर्ट भी साझा की।
भारत-सिंगापुर रणनीतिक साझेदारी का यह गोलमेज तंत्र दोनों देशों के संबंधों की बहुआयामी और भविष्य उन्मुख प्रकृति को दर्शाता है। सितंबर 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सिंगापुर यात्रा के दौरान दोनों देशों के संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाया गया था। इसके बाद सितंबर 2025 में प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग की भारत यात्रा के दौरान इस साझेदारी का रोडमैप अपनाया गया था।



