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ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026: भारत के आतिथ्य से विदेशी मेहमान प्रभावित, पर्यटन और महिला सशक्तीकरण पर जोर

नई दिल्ली, 12 सितंबर: राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के भारत मंडपम में शुरू हो रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 में शामिल होने पहुंचे विदेशी मेहमान भारत के आतिथ्य से काफी प्रभावित नजर आ रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका से आए प्रतिनिधियों ने भारत के खान-पान, कारोबारी अवसरों और दोनों देशों के बीच संबंधों को लेकर अपने अनुभव साझा किए। इस दौरान पर्यटन, खाद्य सुरक्षा, विनिर्माण और महिला सशक्तीकरण जैसे मुद्दों को महत्वपूर्ण बताया गया।

पर्यटन अर्थव्यवस्था में निभाता है बड़ी भूमिका

ब्रिक्स महिला व्यापार गठबंधन, दक्षिण अफ्रीका की कार्यकारी सदस्य और पर्यटन प्रमुख थेंबिसा जिमाना ने कहा कि पर्यटन को कम करके नहीं आंका जाना चाहिए, क्योंकि यह पूरी अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि सभी उद्योग किसी न किसी रूप में पर्यटन पर निर्भर हैं।

थेंबिसा जिमाना के अनुसार, किसी देश में आने वाले व्यक्ति को होटल बुक करने से लेकर अपनी यात्रा की तैयारी तक कई सेवाओं की जरूरत होती है और यह सब पर्यटन अर्थव्यवस्था का हिस्सा है। उन्होंने चिकित्सा पर्यटन का उदाहरण देते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति किसी दूसरे देश में इलाज के लिए जाता है, तो वह भी पर्यटन का ही एक महत्वपूर्ण स्वरूप है। उनके मुताबिक, पर्यटन सकल घरेलू उत्पाद में बड़ा योगदान देता है और ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी इसकी अहम भूमिका है।

महिला सशक्तीकरण और समावेश पर जोर

महिला सशक्तीकरण के सवाल पर थेंबिसा जिमाना ने मैडम लेबो के नेतृत्व का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वह बेहद ऊर्जावान हैं और लगातार महिलाओं के समावेश के लिए काम करती हैं। उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका से इस शिखर सम्मेलन में आना उन लाखों लोगों का प्रतिनिधित्व करने जैसा है, जो अब तक पीछे रह गए हैं।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वैश्विक स्तर पर लिए जाने वाले सभी निर्णयों में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित होनी चाहिए। उनके अनुसार, ब्रिक्स एक ऐसा मंच है, जहां महिलाओं को अपनी आवाज रखने का अवसर मिलता है। हालांकि, यह आवाज केवल दस्तावेजों और कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसके ठोस परिणाम भी सामने आने चाहिए।

उन्होंने हाल ही में ब्रिक्स महिला व्यापार गठबंधन की ओर से आयोजित एक स्टार्टअप कार्यक्रम का भी उल्लेख किया, जिसमें बेहतर प्रदर्शन करने वाले उद्यमियों को सशक्त बनाने और उन्हें पुरस्कार देने की पहल की गई।

दक्षिण अफ्रीका में ‘मैडम लेबो’ के नाम से प्रसिद्ध व्यक्तित्व के रूप में लेबोगांग (लेबो) रामाफोको को माना जाता है, जो एक लोकप्रिय नारीवादी कार्यकर्ता और सामाजिक न्याय की पैरोकार हैं।

भारतीय भोजन से भी प्रभावित हुए शेड्रैक हॉलो

‘टीवी ब्रिक्स अफ्रीका’ के शेड्रैक हॉलो ने भारत में अपने प्रवास को शानदार बताया। उन्होंने कहा कि वह 8 सितंबर को भारत पहुंचे और उनका अनुभव बेहद अच्छा रहा। उन्होंने भारतीय भोजन की तारीफ करते हुए इसे स्वादिष्ट और रंग-बिरंगा बताया। खास तौर पर उन्होंने तंदूरी चिकन का उल्लेख किया और कहा कि उन्होंने हर निवाले का आनंद लिया।

व्यापार, कृषि और खाद्य सुरक्षा पर बातचीत

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के दौरान आयोजित बिजनेस फोरम और द्विपक्षीय बातचीत के बारे में शेड्रैक हॉलो ने कहा कि इस बार ब्रिक्स के माध्यम से कई अवसर खुलते नजर आए। उन्होंने बताया कि पूरे साल बैठकें करने वाले मंत्री इस बात को समझते हैं कि ब्रिक्स देशों को सुरक्षित करना जरूरी है, खासकर कृषि के क्षेत्र में।

उन्होंने खाद्य सुरक्षा को ब्रिक्स देशों के लिए बेहद महत्वपूर्ण उद्देश्य बताया। साथ ही, उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों के उद्यमियों के बीच हुई बातचीत में विनिर्माण क्षेत्र में कौशल साझा करने और एक-दूसरे से अधिक खरीदारी करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

शेड्रैक हॉलो ने यह भी बताया कि दक्षिण अफ्रीका के राजदूत ने कहा है कि चीजें बदल गई हैं। उन्होंने भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच गहरे रिश्ते का भी उल्लेख किया।

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