हरिद्वार, 01 सितंबर। प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया से अधिसूचित अखिल भारतीय समाचार पत्र एसोसिएशन की उत्तराखंड इकाई के तत्वावधान में मंगलवार को प्रेस क्लब सभागार में प्रांतीय अधिवेशन, वरिष्ठ संपादक सम्मान समारोह और वर्तमान दौर में समाचार पत्रों की भूमिका विषय पर गोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में प्रदेशभर से साप्ताहिक, पाक्षिक और मासिक समाचार पत्रों के संपादकों ने भाग लिया।
अखबार की खबर पर आज भी भरोसा
कार्यक्रम की अध्यक्षता मिश्री मठ के महामंडलेश्वर करौली शंकर महाराज ने की। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर अफवाहों का बाजार गर्म है, लेकिन अखबार में प्रकाशित खबर पर आज भी लोगों का भरोसा कायम है। उन्होंने कहा कि अखबार समाज का आईना है और सत्य को बिना लाग-लपेट के सामने रखना पत्रकार की सबसे बड़ी साधना है।
मुख्य अतिथि विधायक मदन कौशिक ने कहा कि पत्रकारिता चुनौतीपूर्ण पेशा बन गया है। पत्रकार जोखिम उठाकर सच्चाई सामने लाते हैं और इसके बावजूद उन्हें डराने-धमकाने तथा मुकदमों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि सरकार पत्रकारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।
महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी ने कहा कि सुबह लोगों को आज भी अखबार का इंतजार रहता है। चाय की चुस्की के साथ अखबार पढ़ने की परंपरा अब भी कायम है। उन्होंने कहा कि विभाग छोटे अखबारों के हितों की रक्षा कर रहा है।
छोटे अखबारों की भूमिका को बताया महत्वपूर्ण
राज्यमंत्री सुरजीत सिंह गांधी ने कहा कि मसालेदार खबरों के दौर में भी दूर-दराज के क्षेत्रों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने में छोटे अखबारों की भूमिका महत्वपूर्ण है। श्री गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम ने कहा कि हरिद्वार और गंगा को दुनिया तक पहुंचाने में पत्रकारों का बड़ा योगदान है।
प्रदेश अध्यक्ष अमित कुमार शर्मा ने छोटे अखबारों को लोकतंत्र की रीढ़ बताते हुए पत्रकार पेंशन, अधिमान्यता और विज्ञापन नीति में सुधार की मांग उठाई।
21 वरिष्ठ संपादकों को सम्मान
समारोह में 21 वरिष्ठ संपादकों को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान किया गया। कार्यक्रम का संचालन ललितेन्द्र नाथ और बालकृष्ण शास्त्री ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे।


