काठमांडू, 31 अगस्त। नेपाल सरकार की ओर से अनुमति मिलने में हुई देरी के बाद नेपाल पहुंचे भारतीय और चीनी बचाव दलों ने बाढ़ के पांच दिन बाद सुरंगों में फंसे लोगों को निकालने का अभियान शुरू कर दिया है। रसुवा बाढ़ बचाव अभियान के तहत विभिन्न जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं।
रसुवा में आई बाढ़ के कारण विभिन्न जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में करीब 600 लोगों के फंसे होने का अनुमान है। हालांकि, नेपाल अब तक सुरंगों में फंसे सभी लोगों का पूरी तरह बचाव नहीं कर सका है। जलविद्युत परियोजनाओं की ओर से बताया गया है कि बार-बार अनुरोध के बावजूद कर्मचारियों और मजदूरों का समय पर उद्धार नहीं हो सका।
तीन परियोजनाओं में बचाव अभियान शुरू
रविवार से चिलिमे, अपर त्रिशूली-1 और लांगटांग जलविद्युत परियोजनाओं में बचाव अभियान शुरू किया गया। बाढ़ के पांच दिन बाद रविवार को अपर त्रिशूली-3ए परियोजना की सुरंग का भी पता चला, लेकिन वहां अभी तक बचाव अभियान शुरू नहीं हो पाया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, सुरंगों में बचाव कार्य शुरू होने में हुई देरी के कारण वहां फंसे लोगों की जान बचाना लगातार जोखिमपूर्ण होता जा रहा है।
यूटी-1 में करीब 400 लोगों के फंसे होने की आशंका
त्रिशूली कॉरिडोर की निर्माणाधीन सबसे बड़ी परियोजना यूटी-1 में रविवार से भारतीय बचाव दल ने काम शुरू किया। परियोजना में काम कर रहे करीब 600 लोग अभी भी संपर्क में नहीं आए हैं।
निर्माण कंपनी नेपाल वाटर एंड एनर्जी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गिरिराज अधिकारी के अनुसार, इनमें से करीब 400 लोगों के सुरंग के अंदर फंसे होने की आशंका है। परियोजना क्षेत्र में अपनी जान बचाने में सफल 260 लोगों का उद्धार किया जा चुका है, जिनमें 10 कोरियाई नागरिक भी शामिल हैं।
अधिकारी ने बताया कि सुरंग में फंसे लोगों में करीब 300 लोग सुरंग के अंदर काम कर रहे थे, जबकि करीब 100 लोग हेडवर्क्स में कार्यरत थे।
चिलिमे परियोजना में दो शव बरामद
चिलिमे जलविद्युत परियोजना की सुरंग में छह लोग फंसे थे। इनमें से दो लोगों के शव भारतीय और नेपाली सेना की संयुक्त बचाव टीम ने बाहर निकाले हैं। परियोजना में बचाव कार्य के लिए 11 सदस्यीय भारतीय दल को तैनात किया गया है।
चीनी बचाव दल भी अभियान में शामिल
रसुवा में बाढ़ के बाद बचाव कार्य में सहायता के लिए नेपाल पहुंची चीनी बचाव टीम को 216 मेगावाट की अपर त्रिशूली-1 परियोजना में तैनात किया गया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, चीनी टीम परियोजना की चीनी ठेकेदार कंपनी चाइना रेलवे के साथ समन्वय कर बचाव कार्य में जुटी है।
नौ सदस्यीय चीनी बचाव दल प्रभावित क्षेत्र में तैनात हो चुका है और सुरंगों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के प्रयास जारी हैं।



