नई दिल्ली, 27 अगस्त। नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद बिहार और उत्तर प्रदेश में भी बाढ़ की आशंका को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल ने अपनी तैयारियां बढ़ा दी हैं। एनडीआरएफ के महानिरीक्षक नरेंद्र सिंह बुंदेला ने गुरुवार को बताया कि बिहार के संवेदनशील इलाकों में कुल नौ टीमें तैनात की गई हैं। जरूरत पड़ने पर एनडीआरएफ अतिरिक्त सहायता के लिए तैयार है।
गंडक नदी वाले इलाकों पर विशेष नजर
नरेंद्र सिंह बुंदेला ने बताया कि गंडक नदी उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ हिस्सों को प्रभावित कर सकती है। उत्तर प्रदेश में कुशीनगर तथा बिहार के वे जिले, जहां से होकर गंडक नदी गुजरती है और अंत में गंगा नदी में मिलती है, संभावित रूप से प्रभावित हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्थिति पर लगातार नजर रख रही है और संवेदनशील क्षेत्रों में एनडीआरएफ की टीमें पहले ही तैनात कर दी गई हैं। बिहार में तैनात नौ टीमों में से दो टीमों को विशेष रूप से गंडक नदी से जुड़े इलाकों के लिए रखा गया है।
बारिश के मौसम में पहले से होती है तैयारी
एनडीआरएफ महानिरीक्षक ने बताया कि बरसात के मौसम से पहले केंद्रीय स्तर पर बैठक कर राज्यों में बल की तैनाती की योजना तैयार की जाती है। इसी योजना के तहत राज्यों में एनडीआरएफ की तैनाती पहले से की जाती है। हालांकि, नेपाल में हुई ताजा त्रासदी के बाद निगरानी और तैनाती को और बढ़ाया गया है।
उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए बिहार के कई इलाकों के प्रभावित होने की आशंका है। इसी वजह से वहां नौ टीमें तैनात की गई हैं। बिहार के मुख्यमंत्री ने बुधवार को व्यक्तिगत रूप से स्थिति की समीक्षा की थी। इसके बाद दो और एनडीआरएफ टीमों की मांग की गई, जिन्हें दो स्थानों पर तैनात किया गया है।
नेपाल को मानवीय सहायता के लिए तैयार भारत
नरेंद्र सिंह बुंदेला ने कहा कि भारत सरकार ने नेपाल को व्यापक स्तर पर मानवीय सहायता और आपदा राहत उपलब्ध कराई है। उन्होंने कहा कि यदि नेपाल सरकार सहायता मांगती है तो एनडीआरएफ मदद के लिए तैयार है।
उन्होंने बताया कि चीन और नेपाल में अभूतपूर्व बाढ़ की स्थिति के बाद भारत में भी तैनाती बढ़ाई गई है। बाढ़ की जानकारी मिलने के बाद राज्य सरकार ने बिहार और उत्तर प्रदेश में संभावित बाढ़ की स्थिति का आकलन करने के लिए केंद्रीय जल आयोग के साथ समन्वय किया।
ताजा आधिकारिक जानकारी के अनुसार, नेपाल की भोटेकोशी नदी में अचानक आई भीषण बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 177 हो गई है।



