रायपुर, 22 अगस्त। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष द्वितीय सेमेस्टर की कीटशास्त्र परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक करने के मामले में रायपुर पुलिस ने शनिवार को मुख्य आरोपित प्रोफेसर समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने 36 घंटे के भीतर मामले का खुलासा करते हुए आरोपितों के कब्जे से 11 हजार रुपये नकद, छह मोबाइल फोन और प्रश्नपत्र लीक करने में इस्तेमाल की गई अन्य सामग्री जब्त की है। मामले में दो अन्य आरोपित अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
परीक्षा से पहले लीक हुआ था प्रश्नपत्र
पुलिस उपायुक्त (अपराध एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला ने प्रेस वार्ता में बताया कि 20 अगस्त को सुबह 10 बजे से दोपहर एक बजे तक विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले 28 कृषि महाविद्यालयों में एजीसीएच-221 विषय की कीटशास्त्र परीक्षा आयोजित होनी थी।
परीक्षा शुरू होने से पहले ही सुबह करीब 8:41 बजे कवर्धा कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र के ई-मेल पर प्रश्नपत्र लीक होने की सूचना मिली। इसके करीब 13 मिनट बाद संबंधित अधिकारियों को भी इसकी जानकारी दी गई। छात्रों और छात्र प्रतिनिधियों ने भी संदेश सेवा के माध्यम से प्रश्नपत्र के कुछ प्रश्न प्रसारित होने की जानकारी विश्वविद्यालय को दी थी। इसके बाद थाना तेलीबांधा में मामला दर्ज किया गया।
36 घंटे की कार्रवाई में पुलिस पहुंची स्रोत तक
मामले की गंभीरता को देखते हुए अपराध एवं साइबर इकाई तथा थाना तेलीबांधा पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। 100 से अधिक पुलिसकर्मियों की टीम ने सामाजिक माध्यमों पर प्रसारित प्रश्नपत्र, चित्र, संदेश और पोस्ट का तकनीकी विश्लेषण किया।
पुलिस ने यह पता लगाने की कोशिश की कि प्रश्नपत्र सबसे पहले किस खाते, मोबाइल नंबर या डिजिटल माध्यम से प्रसारित हुआ। इसके साथ ही प्रसार की समयरेखा और डिजिटल संपर्कों की भी जांच की गई।
तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस को दुर्ग निवासी अनुज मिंज के संबंध में जानकारी मिली। इसके बाद कबीरधाम, रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और आसपास के जिलों में अलग-अलग टीमें भेजी गईं। लगातार 36 घंटे की कार्रवाई के बाद पुलिस प्रश्नपत्र लीक के स्रोत तक पहुंची और छह आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।
प्रोफेसर ने लिफाफे में छेद कर बनाया वीडियो
पुलिस उपायुक्त के अनुसार, मामले का मुख्य आरोपित और कथित मास्टरमाइंड भारती एग्रीकल्चर कॉलेज, दुर्ग का प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया है। वह वर्ष 2019 से कॉलेज में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत है। पिछले करीब एक वर्ष से वह अपने कॉलेज की उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने और आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र प्राप्त कर उन्हें कॉलेज तक ले जाने का काम कर रहा था।
पुलिस के मुताबिक, 17 अगस्त को योगेश सोनकेसरिया उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने के लिए जोरा स्थित कृषि महाविद्यालय, रायपुर पहुंचा था। इसी दौरान उसने आगामी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र प्राप्त किए। अन्य प्रश्नपत्र कॉलेज में रखने के बाद वह 20 अगस्त को होने वाली कीटशास्त्र परीक्षा का प्रश्नपत्र वाला लिफाफा अपने घर ले गया।
आरोप है कि घर पर उसने सुई और नुकीले उपकरण की मदद से लिफाफे में छोटा छेद किया और मोबाइल कैमरा अंदर डालकर प्रश्नपत्र की वीडियो रिकॉर्डिंग कर ली। इसके बाद प्रश्नपत्र की सामग्री की नकल तैयार कर उसने अपने कॉलेज के छात्र अजय नायक और दो अन्य छात्रों को कुल 11 हजार रुपये में बेच दिया। अजय नायक ने प्रश्नपत्र त्रिदेव पटेल, नितिन पाण्डेय, अनुज मिंज और आदित्य साहू को उपलब्ध कराया था।
छह आरोपित गिरफ्तार, दो की तलाश जारी
गिरफ्तार आरोपितों में प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया के अलावा अजय नायक, त्रिदेव पटेल, नितिन पाण्डेय, अनुज मिंज और आदित्य साहू शामिल हैं। पुलिस के अनुसार प्रश्नपत्र खरीदने वाले आरोपित भारती एग्रीकल्चर कॉलेज, दुर्ग के छात्र हैं।
पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 11 हजार रुपये नकद, छह मोबाइल फोन, वीडियो रिकॉर्डिंग उपकरण, केबल तार, मोबाइल जोड़ने वाले उपकरण, सुई, सूजा, कॉपी और फेविकोल जब्त किया है।
पुलिस ने बताया कि मामले में संलिप्त दो अन्य आरोपित अभी फरार हैं। उनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ कर अन्य संभावित आरोपितों की भूमिका और प्रश्नपत्र लीक से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।



