हैदराबाद, 20 अगस्त। अभिनेता गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता के रिश्ते को लेकर पिछले कुछ समय से अनबन और कथित अफेयर की चर्चाएं सामने आ रही थीं। इन खबरों के बीच दोनों के रिश्ते में तनाव की अटकलें तेज हो गई थीं। हाल ही में सुनीता को अपने बेटे यशवर्धन के साथ बांद्रा फैमिली कोर्ट में देखा गया, जिसके बाद उनके तलाक की चर्चाओं ने और जोर पकड़ लिया।
मैनेजर ने तलाक की अटकलों पर दी सफाई
गोविंदा के मैनेजर शशि सिन्हा ने इन सभी अटकलों पर स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने बताया कि सुनीता कोर्ट में रिश्ता खत्म करने के लिए नहीं, बल्कि उसे बचाने के लिए गई थीं। मैनेजर के मुताबिक, सुनीता ने तलाक की अर्जी वापस ले ली है और अब गोविंदा तथा सुनीता के बीच किसी भी तरह का अलगाव नहीं है।
इस स्पष्टीकरण के सामने आने के बाद गोविंदा और सुनीता के रिश्ते को लेकर चल रही तलाक की अटकलों पर विराम लग गया है। कोर्ट में सुनीता की मौजूदगी को लेकर जिस तरह की चर्चाएं सामने आई थीं, मैनेजर के बयान ने उनके पीछे की स्थिति को साफ कर दिया है।
1987 में हुई थी गोविंदा और सुनीता की शादी
गोविंदा और सुनीता ने साल 1987 में शादी की थी। दोनों के दो बच्चे हैं। लंबे समय से साथ रहे इस दंपति की निजी जिंदगी पिछले कुछ समय में चर्चाओं का विषय बनी रही। अनबन और कथित अफेयर की खबरों के बीच सुनीता के कोर्ट पहुंचने से उनके रिश्ते को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं।
हालांकि, अब मैनेजर के बयान से सामने आया है कि सुनीता ने तलाक की अर्जी वापस ले ली है। ऐसे में यह घटनाक्रम आपसी गलतफहमियों को दूर कर परिवार के फिर से एक साथ लौटने का संकेत माना जा रहा है।
रिश्ते को बचाने की कोशिश आई सामने
सुनीता का कोर्ट जाना जहां तलाक की अटकलों की वजह बना, वहीं मैनेजर की सफाई ने तस्वीर बदल दी है। उनके अनुसार, सुनीता का कदम रिश्ता खत्म करने के बजाय उसे बचाने की दिशा में था। इस तरह गोविंदा और सुनीता के बीच अलगाव की चर्चाओं पर फिलहाल विराम लग गया है।



