हरिद्वार, 18 अगस्त। सनातन धर्म-संस्कृति के संवाहक और महामनीषी निरंजन स्वामी महाराज को यूके के लंदन में आयोजित प्रतिष्ठित संत संसद में ग्लोबल पीस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। संतों और विद्वानों की मौजूदगी में प्रदान किए गए इस सम्मान के पीछे विश्वभर में सनातन चेतना, आध्यात्मिक मूल्यों, विश्व शांति और सौहार्द का संदेश प्रसारित करने में उनके योगदान को आधार बताया गया।
सनातन संदेश के वैश्विक प्रसार के लिए सम्मान
निरंजन स्वामी महाराज लगातार विश्व भ्रमण कर ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ और ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ के संदेश को जन-जन तक पहुंचा रहे हैं। उनके करीब एक माह से जारी अंतरराष्ट्रीय प्रवास के दौरान मिला यह ग्लोबल पीस अवॉर्ड भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा के वैश्विक प्रभाव का प्रतीक माना जा रहा है।
उनके अनुयायियों और जनमानस के बीच उन्हें अब ‘ग्लोबल बाबा’ के नाम से भी संबोधित किया जा रहा है। सम्मान को उनके तप, सेवा और लोक-कल्याण के संकल्प की उपलब्धि के रूप में भी देखा जा रहा है।
विश्व शांति और भारतीय संस्कृति के लिए प्रयास जारी रखने का संकल्प
सम्मान प्राप्त करने के बाद निरंजन स्वामी महाराज ने कहा कि संतों का जीवन धर्म और संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित रहता है। उन्होंने कहा कि संतों ने हमेशा समाज और राष्ट्र को एकता के सूत्र में बांधने का कार्य किया है।
उन्होंने संकल्प व्यक्त किया कि वह जीवन पर्यंत सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति के उत्थान के साथ विश्व शांति के लिए प्रयासरत रहेंगे। ग्लोबल पीस अवॉर्ड को भारतीय आध्यात्मिक परंपरा, संस्कृति और मानवीय मूल्यों की वैश्विक स्वीकार्यता से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
हरिद्वार के संत समाज में खुशी
निरंजन स्वामी महाराज को मिले इस वैश्विक सम्मान से हरिद्वार के संत समाज में भी हर्ष का माहौल है। संतों और श्रद्धालुओं ने उन्हें शुभकामनाएं दीं तथा उनके दीर्घायु होने और निरंतर लोक-कल्याण के कार्यों के लिए मंगलकामना की।



