हरिद्वार, 17 अगस्त। कुंभ मेला-2027 की तैयारियों को लेकर हरिद्वार में निर्माण और सौंदर्यीकरण कार्यों में तेजी लाई जा रही है। सोमवार को मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने नगर और आसपास के प्रमुख मार्गों तथा चौक-चौराहों का निरीक्षण कर निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को सभी कार्य गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
सड़कों को अतिक्रमणमुक्त रखने के निर्देश
मेलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग को सड़कों पर हुए अतिक्रमण के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने कहा कि कुंभ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही होगी। ऐसे में प्रमुख सड़कों और चौराहों को अतिक्रमणमुक्त रखना जरूरी है।
उन्होंने सड़कों, पुलों के किनारों और डिवाइडरों पर योजनाबद्ध तरीके से पौधरोपण कर हरित पट्टी विकसित करने के निर्देश भी दिए। इससे हरिद्वार का सौंदर्यीकरण होने के साथ श्रद्धालुओं को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
शिवालिक नगर और भगत सिंह चौक का होगा सौंदर्यीकरण
मेलाधिकारी ने शिवालिक नगर चौक के सुधार और सौंदर्यीकरण के लिए प्रस्ताव तैयार कर जल्द कार्य शुरू करने को कहा। उन्होंने चौक के विकास में यातायात प्रवाह, पैदल आवागमन और सौंदर्य को ध्यान में रखने के निर्देश दिए।
इसके बाद उन्होंने भगत सिंह चौक क्षेत्र में सौंदर्यीकरण और फुटपाथ निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने चौराहों को सुव्यवस्थित करने के साथ पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया।
कुंभ के बाद भी मिलेगा सुविधाओं का लाभ
मेलाधिकारी ने कहा कि कुंभ के लिए तैयार की जा रही आधारभूत सुविधाओं का लाभ केवल मेला अवधि तक सीमित नहीं रहेगा। भविष्य में भी हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों को इन परियोजनाओं का लाभ मिलना चाहिए। इसलिए सभी निर्माण कार्य दूरगामी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए गुणवत्तापूर्ण और टिकाऊ बनाए जाएं।
उन्होंने संबंधित विभागों को निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा करने और सामने आने वाली बाधाओं का तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए। मेलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता है और कुंभ से जुड़े किसी भी कार्य में अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान पीआईयू के अधिशासी अभियंता प्रवीण कुश, लोनिवि के अधिशासी अभियंता योगेश कुमार, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अनुभव नौटियाल, एचआरडीए के उद्यान अधिकारी ए.आर. जोशी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।



