मुंबई, 13 अगस्त। बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री वैजयंती माला आज 93 वर्ष की हो गईं। अपने लंबे सिने करियर में उन्होंने हिंदी के साथ-साथ तमिल, तेलुगु और बंगाली फिल्मों में भी अभिनय किया। दमदार अभिनय, नृत्य और यादगार भूमिकाओं के लिए पहचानी जाने वाली वैजयंती माला भारतीय सिनेमा की चर्चित अभिनेत्रियों में शामिल रही हैं।
16 वर्ष की उम्र में शुरू किया फिल्मी सफर
तमिलनाडु में 13 अगस्त 1933 को जन्मीं वैजयंती माला ने महज 16 वर्ष की उम्र में एक तमिल फिल्म से अपने सिने करियर की शुरुआत की। वर्ष 1951 में प्रदर्शित फिल्म ‘बहार’ से उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा। वर्ष 1954 में आई ‘नागिन’ उनके करियर की पहली सुपरहिट फिल्म साबित हुई।
वर्ष 1955 में प्रदर्शित ‘देवदास’ उनके करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में शामिल है। विमल राय के निर्देशन में शरतचंद्र के उपन्यास पर बनी इस फिल्म में उन्होंने चंद्रमुखी की भूमिका निभाई। शानदार अभिनय के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला।
‘साधना’ और ‘मधुमती’ में दिखाया दमदार अभिनय
वर्ष 1958 में प्रदर्शित ‘साधना’ वैजयंती माला के करियर की प्रमुख फिल्मों में रही। बी.आर. चोपड़ा के निर्माण और निर्देशन में बनी इस फिल्म के लिए उन्होंने पहली बार सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का फिल्मफेयर पुरस्कार हासिल किया।
इसी वर्ष आई ‘मधुमती’ भी उनके करियर की उल्लेखनीय फिल्म साबित हुई। विमल राय निर्मित यह फिल्म पुनर्जन्म पर आधारित थी। इसमें वैजयंती माला ने तिहरी भूमिका निभाकर दर्शकों को प्रभावित किया और सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के फिल्मफेयर पुरस्कार के लिए नामांकित हुईं।
‘संगम’ बनी करियर की सबसे बड़ी हिट
वर्ष 1964 में प्रदर्शित ‘संगम’ वैजयंती माला के करियर की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में रही। राज कपूर निर्मित-निर्देशित इस त्रिकोणीय प्रेम कहानी में उनकी जोड़ी राज कपूर और राजेंद्र कुमार के साथ पसंद की गई। फिल्म में अभिनय के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिला।
वैजयंती माला ने अपने करियर में दिलीप कुमार, राज कपूर, देव आनंद, राजेंद्र कुमार और सुनील दत्त जैसे बड़े कलाकारों के साथ काम किया। उनकी जोड़ी राजेंद्र कुमार के साथ विशेष रूप से पसंद की गई।
शादी के बाद फिल्मों से बनाई दूरी
वर्ष 1968 में वैजयंती माला ने डॉ. चमनलाल बाली से शादी की और इसके बाद फिल्मों में काम करना बंद कर दिया। वर्ष 1969 में उनकी अंतिम फिल्म ‘प्रिंस’ प्रदर्शित हुई।
भारतीय सिनेमा में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री और पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। फिल्मों के बाद वैजयंती माला ने समाज सेवा के लिए राजनीति में प्रवेश किया और लोकसभा की सदस्य बनीं। वह इन दिनों फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय नहीं हैं।



