यरूशलम, 10 अगस्त। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना को लेकर अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा है कि उनके प्रधानमंत्री रहते फिलिस्तीन को एक स्वतंत्र राज्य के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक हमास पूरी तरह से हथियार नहीं डालता, तब तक इजरायली सेना गाजा से पीछे नहीं हटेगी। नेतन्याहू का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 15 सूत्रीय शांति प्रस्ताव को खारिज करने के बाद आया है।
नेतन्याहू ने ट्रंप के शांति प्रस्ताव को ठुकराया
रविवार को कैबिनेट की बैठक में नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल 15 सूत्रीय प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करता है। उन्होंने पिछले महीने हमास द्वारा समर्थित योजना के संदर्भ में यह बात कही। इजरायली प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सेना तब तक वापस नहीं लौटेगी, जब तक हमास पूरी तरह अपने हथियार नहीं डाल देता।
नेतन्याहू ने कहा कि इजरायली सैनिक तब तक लड़ते रहेंगे, जब तक इजरायल के नागरिकों के खिलाफ मौजूद खतरे समाप्त नहीं हो जाते। उन्होंने कहा कि हमास के निरस्त्रीकरण के बिना गाजा से इजरायली सेना की वापसी संभव नहीं है।
‘ट्रंप अच्छे दोस्त, लेकिन प्रस्ताव मंजूर नहीं’
इजरायली प्रधानमंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपने संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ट्रंप उनके अच्छे दोस्त हैं और ईरान के खिलाफ अमेरिका तथा इजरायल के बीच साझेदारी सराहनीय रही है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलिस्तीनी राज्य और गाजा से सेना की वापसी के मुद्दे पर वह अपने रुख पर कायम हैं।
नेतन्याहू ने यह भी दोहराया कि उनके प्रधानमंत्री रहते ईरान कभी परमाणु हथियार संपन्न देश नहीं बन पाएगा।
गाजा के लिए अमेरिका के रोडमैप पर मतभेद
अमेरिका की अगुवाई में गठित बोर्ड ऑफ पीस गाजा संघर्ष को लेकर अपने रोडमैप के साथ आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, हमास ने इस योजना को स्वीकार कर लिया है। वहीं इजरायली अधिकारियों का कहना है कि आतंकी संगठन इस प्रक्रिया का इस्तेमाल इजरायल की नई सैन्य कार्रवाई को रोकने के लिए कर रहा है।
इजरायल इस बात से सहमत नहीं है कि उसकी सेना की वापसी और हमास के निरस्त्रीकरण की प्रक्रिया एक साथ आगे बढ़े। इजरायली पक्ष का जोर पहले हमास के हथियार खत्म करने पर है।
गाजा में अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल की तैयारी
सिक्योरिटी कैबिनेट ने हमास के हथियार खत्म करने और इलाके पर नियंत्रण के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल को गाजा में प्रवेश की मंजूरी दे दी है।
इजरायली अधिकारियों और मंत्रियों ने प्रधानमंत्री नेतन्याहू से सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट करने की अपील की थी कि वह उस योजना की शर्तों को स्वीकार नहीं करेंगे, जिसके तहत इजरायली रक्षा बलों (आईडीएफ) को गाजा के इलाकों से पीछे हटना होगा।
‘हर तरह के हथियार खत्म करने होंगे’
नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल 15 सूत्रीय दस्तावेज को स्वीकार करने से इनकार करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आईडीएफ की वापसी तब तक नहीं होगी, जब तक हमास के हथियार खत्म नहीं हो जाते।
उन्होंने कहा कि हथियारों से उनका मतलब केवल भारी हथियारों से नहीं है, बल्कि छोटे हथियारों और हर तरह के हथियारों से है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इजरायल वास्तविक हथियारों को खत्म करने की बात कर रहा है।
नेतन्याहू ने कहा कि अमेरिका के साथ इजरायल विभिन्न मुद्दों पर बातचीत कर रहा है। कुछ प्रस्ताव इजरायल को स्वीकार्य हैं, जबकि कुछ पर वह सहमत नहीं है। उन्होंने कहा कि इजरायल ऐसी परिस्थितियों से निपटने का तरीका पहले भी साबित कर चुका है और आगे भी करता रहेगा।
इजरायली प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि इजरायल गाजा या वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनी राज्य को स्वीकार नहीं करेगा।



