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गुरुकुल कांगड़ी में बनेगा हरित एवं पर्यावरण-अनुकूल परिसर, वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में होगा उद्यान का विकास

हरिद्वार, 01 जुलाई। गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय के अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय को हरित, पर्यावरण-अनुकूल और सौंदर्यपूर्ण स्वरूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है। इस अभियान के तहत गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित कृषि विज्ञान केंद्र, धनौरी के कृषि वैज्ञानिक संकाय परिसर के उद्यान के वैज्ञानिक विकास और हरित सौंदर्यीकरण में सहयोग करेंगे। इस पहल का उद्देश्य तकनीकी शिक्षा के साथ पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता और प्राकृतिक संसाधनों के प्रति विद्यार्थियों में जागरूकता विकसित करना है।

वैज्ञानिकों ने किया परिसर का निरीक्षण

योजना के तहत कृषि विज्ञान केंद्र, धनौरी के सस्य विज्ञान विभाग के प्रोफेसर विनोद चौधरी और उद्यान विज्ञान की वैज्ञानिक डॉ. रेनू ने अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान संकायाध्यक्ष प्रो. मयंक अग्रवाल और उद्यान विभाग के प्रभारी डॉ. धर्मेंद्र बालियान भी उनके साथ मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान परिसर की उपलब्ध भूमि, हरित क्षेत्रों और विकास की संभावनाओं का आकलन किया गया।

वैज्ञानिक योजना से विकसित होगा हरित परिसर

प्रोफेसर विनोद चौधरी ने निरीक्षण के बाद कहा कि परिसर की भौगोलिक स्थिति और प्राकृतिक वातावरण हरित विकास के लिए बेहद अनुकूल हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि वैज्ञानिक योजना के अनुसार विभिन्न मौसमों के अनुरूप फूलदार पौधों, छायादार वृक्षों, औषधीय वनस्पतियों और सजावटी पौधों का चरणबद्ध तरीके से रोपण किया जाए। इससे परिसर की सुंदरता बढ़ने के साथ-साथ पर्यावरणीय संतुलन भी मजबूत होगा।

भवनों के भीतर भी लगाए जाएंगे हरित पौधे

उद्यान विज्ञान की वैज्ञानिक डॉ. रेनू ने परिसर के भवनों के भीतर इनडोर पौधे लगाने की सलाह दी। उनका कहना था कि इनडोर पौधे वातावरण को स्वच्छ बनाने के साथ सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। इससे विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए अध्ययन एवं कार्य का माहौल अधिक शांत, स्वस्थ और प्रेरणादायक बनेगा।

देशभर से आने वाले विद्यार्थियों को मिलेगा हरित वातावरण

उद्यान विभाग के प्रभारी डॉ. धर्मेंद्र बालियान ने बताया कि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय में देश के 22 राज्यों से विद्यार्थी तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने आते हैं। ऐसे में परिसर को हरित और पर्यावरण-अनुकूल स्वरूप देना विद्यार्थियों के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। उन्होंने कहा कि कृषि वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में चरणबद्ध तरीके से वृक्षारोपण, पुष्प वाटिका, औषधीय उद्यान और सजावटी हरित क्षेत्रों का विकास किया जाएगा।

कई शिक्षकों और अधिकारियों की रही उपस्थिति

निरीक्षण कार्यक्रम में प्रो. विपुल शर्मा, सहायक कुलसचिव डॉ. पंकज कौशिक, डॉ. मयंक पोखरियाल, डॉ. संजय सिंह, उमाशंकर शर्मा, दलजीत सिंह बिष्ट सहित अनेक शिक्षक, अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने इस पहल को विश्वविद्यालय परिसर को पर्यावरणीय दृष्टि से समृद्ध बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

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