हरिद्वार, 01 जुलाई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जनजागरूकता अभियान के तहत भगवानपुर कोतवाली पुलिस ने उत्तर प्रदेश सीमा से सटे कालेवाला गांव में चौपाल आयोजित कर ग्रामीणों को कानून, सुरक्षा और साइबर अपराध से बचाव के प्रति जागरूक किया। थाना भगवानपुर से लगभग 16 किलोमीटर दूर स्थित यह सीमावर्ती गांव सुरक्षा और जनसंपर्क की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। पुलिस ने ग्रामीणों, युवाओं और महिलाओं के साथ सीधे संवाद कर उन्हें विभिन्न सामाजिक और कानूनी विषयों की जानकारी दी।
नशा मुक्ति और महिला सुरक्षा पर दिया विशेष जोर
चौपाल के दौरान प्रभारी निरीक्षक भगवानपुर ने नशा मुक्त उत्तराखंड अभियान के उद्देश्य और महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर समाज निर्माण में सकारात्मक भूमिका निभाने की अपील की। साथ ही महिला सुरक्षा, नए आपराधिक कानूनों और नागरिकों के अधिकारों एवं कर्तव्यों की जानकारी भी साझा की गई। पुलिस ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने में जनता का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है।
साइबर ठगी से बचाव के बताए प्रभावी उपाय
कार्यक्रम में साइबर अपराधों से बचाव को लेकर भी विस्तृत जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को अज्ञात लिंक पर क्लिक न करने, किसी भी व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक खाता, एटीएम या अन्य गोपनीय वित्तीय जानकारी साझा न करने की सलाह दी। साथ ही यह भी बताया गया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है तो वह तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन या 112 आपातकालीन सेवा पर संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकता है।
ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं, सहयोग का दिया भरोसा
चौपाल के दौरान पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याएं, सुझाव और स्थानीय मुद्दों को भी गंभीरता से सुना। लोगों को आश्वस्त किया गया कि उनकी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा। पुलिस ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि, असामाजिक तत्व या अपराध संबंधी जानकारी तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
जनसहभागिता से मजबूत होगी सुरक्षा व्यवस्था
भगवानपुर पुलिस ने कहा कि जनसहभागिता और जागरूकता के माध्यम से ही नशामुक्त, सुरक्षित और अपराधमुक्त समाज का निर्माण संभव है। पुलिस का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों तक पहुंचकर लोगों में कानून के प्रति विश्वास बढ़ाना और सुरक्षा संबंधी जागरूकता को मजबूत करना है। ऐसी चौपालों के माध्यम से पुलिस और आमजन के बीच संवाद भी लगातार मजबूत हो रहा है।


