एनएचएआई की परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में धीमी प्रगति पर नाराजगी; मशीनरी बढ़ाने, यातायात सुधार और सुरक्षा मानकों के सख्त पालन के निर्देश
हरिद्वार, 25 जून। आगामी कुंभ और कांवड़ यात्रा को देखते हुए हरिद्वार में चल रही राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की प्रगति पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मेलाधिकारी सोनिका ने गुरुवार को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए कि कुंभ क्षेत्र में चल रही सभी सड़क एवं राजमार्ग परियोजनाएं तय समयसीमा के भीतर हर हाल में पूरी की जाएं।
एचआरडीए सभागार में आयोजित इस समीक्षा बैठक में मेलाधिकारी ने परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई और निर्माण कार्यों में तेजी लाने के लिए अतिरिक्त मशीनरी, श्रमिकों और वाहनों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
प्रमुख परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा
बैठक के दौरान मेलाधिकारी ने हरिद्वार बाईपास-रिंग रोड, दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारा (इकोनॉमिक कॉरिडोर) के हरिद्वार स्पर, हरिद्वार-नगीना मार्ग तथा शहर के प्रमुख चौराहों के सुधार कार्यों की विस्तार से समीक्षा की।
समीक्षा में पाया गया कि कई स्थानों पर चल रहे निर्माण कार्यों के कारण यातायात प्रभावित हो रहा है, जिससे स्थानीय नागरिकों और यात्रियों को जाम जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
निर्माण कार्यों में देरी पर नाराजगी
मेलाधिकारी सोनिका ने कहा कि हरिद्वार धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण नगर है, जहां आने वाले समय में कांवड़ यात्रा और कुंभ मेले के दौरान लाखों श्रद्धालुओं का आगमन होगा। ऐसे में निर्माण कार्यों के कारण यातायात व्यवस्था बाधित होना गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने एनएचएआई के परियोजना निदेशकों को निर्देश दिया कि वे स्वयं निर्माण स्थलों का नियमित निरीक्षण करें और कार्यों की प्रगति की व्यक्तिगत स्तर पर निगरानी सुनिश्चित करें।
जगजीतपुर और बहादराबाद क्षेत्रों को प्राथमिकता
बैठक में विशेष रूप से जगजीतपुर और बहादराबाद क्षेत्र में चल रही राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
मेलाधिकारी ने कहा कि इन क्षेत्रों में निर्माण कार्यों की गति बढ़ाई जाए ताकि आगामी धार्मिक आयोजनों से पहले यातायात व्यवस्था सुचारु रूप से स्थापित की जा सके।
यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर
समीक्षा बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा प्रबंधन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। मेलाधिकारी ने दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान कर वहां सुधार कार्य करने, पर्याप्त संकेतक बोर्ड लगाने और सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने पैदल यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्था विकसित करने और मार्गों पर सौंदर्यीकरण एवं हरित क्षेत्र बढ़ाने पर भी जोर दिया।
कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन सतर्क
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बैठक में स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान जिन मार्गों से श्रद्धालुओं का आवागमन होगा, वहां सभी निर्माण कार्य समय रहते पूरे कर लिए जाएं।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्माण कार्यों के कारण यात्रा के दौरान यातायात बाधित होता है या अव्यवस्था उत्पन्न होती है, तो संबंधित परियोजना अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
उच्चस्तरीय अधिकारियों की उपस्थिति
इस समीक्षा बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति रही, जिनमें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (कुंभ) आयुष अग्रवाल, प्रभागीय वनाधिकारी स्वप्निल अनिरुद्ध, पुलिस अधीक्षक यातायात निशा यादव, अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती, सचिव एचआरडीए प्रत्यूष सिंह, उप मेलाधिकारी आकाश जोशी एवं मनजीत सिंह, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता डी.के. सिंह, पुलिस क्षेत्राधिकारी यातायात बिपेंदर सिंह तथा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण रुड़की के परियोजना निदेशक विशाल गोयल शामिल रहे।


