मुंबई, 25 जून। कपूर खानदान की पहली अभिनेत्री बेटी से लेकर बॉलीवुड की सुपरस्टार और डिजिटल युग की दमदार कलाकार बनने तक, करिश्मा कपूर ने तीन दशकों से अधिक लंबे करियर में रचा सफलता का नया इतिहास
बॉलीवुड की सदाबहार स्टार करिश्मा कपूर का जन्मदिन
हिंदी सिनेमा की सबसे लोकप्रिय और सफल अभिनेत्रियों में शुमार करिश्मा कपूर आज अपना 52वां जन्मदिन मना रही हैं। 1990 के दशक में अपनी खूबसूरती, जीवंत अभिनय शैली और लगातार हिट फिल्मों के दम पर उन्होंने बॉलीवुड में एक अलग पहचान बनाई। करिश्मा उन चुनिंदा अभिनेत्रियों में शामिल हैं जिन्होंने व्यावसायिक और गंभीर दोनों तरह के सिनेमा में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
करीब तीन दशक लंबे करियर में उन्होंने रोमांस, कॉमेडी, पारिवारिक और भावनात्मक फिल्मों से लेकर डिजिटल प्लेटफॉर्म तक अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। आज भी उनकी लोकप्रियता बरकरार है और वे नई पीढ़ी की अभिनेत्रियों के लिए प्रेरणा मानी जाती हैं।
फिल्मी विरासत से मिला अभिनय का संस्कार
25 जून 1974 को मुंबई में जन्मीं करिश्मा कपूर भारतीय सिनेमा के प्रतिष्ठित कपूर परिवार से संबंध रखती हैं। उनके पिता रणधीर कपूर अभिनेता रहे हैं, जबकि मां बबीता अपने दौर की चर्चित अभिनेत्री थीं। ऐसे फिल्मी माहौल में पली-बढ़ीं करिश्मा ने उस समय फिल्मों में कदम रखा, जब कपूर परिवार की बेटियों का अभिनय क्षेत्र में आना असामान्य माना जाता था।
कपूर खानदान की पहली बेटी के रूप में फिल्मों में प्रवेश कर उन्होंने न केवल परंपराओं को बदला, बल्कि अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर खुद को सफल अभिनेत्री के रूप में स्थापित भी किया।
‘प्रेम कैदी’ से शुरू हुआ फिल्मी सफर
करिश्मा कपूर ने वर्ष 1991 में रिलीज हुई फिल्म ‘प्रेम कैदी’ से बॉलीवुड में पदार्पण किया। शुरुआती वर्षों में उन्होंने कई व्यावसायिक फिल्मों में काम किया और धीरे-धीरे दर्शकों के बीच अपनी पहचान बनानी शुरू की।
हालांकि उनके करियर का वास्तविक मोड़ वर्ष 1996 में आया, जब आमिर खान के साथ उनकी फिल्म ‘राजा हिंदुस्तानी’ रिलीज हुई। फिल्म सुपरहिट साबित हुई और करिश्मा रातोंरात बॉलीवुड की शीर्ष अभिनेत्रियों में शामिल हो गईं। फिल्म में उनके अभिनय और स्क्रीन प्रेजेंस को दर्शकों ने खूब सराहा।
‘दिल तो पागल है’ ने साबित की अभिनय क्षमता
वर्ष 1997 में रिलीज हुई यश चोपड़ा निर्देशित फिल्म ‘दिल तो पागल है’ करिश्मा कपूर के करियर का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जाती है। फिल्म में शाहरुख खान और माधुरी दीक्षित जैसे बड़े सितारों की मौजूदगी के बावजूद करिश्मा ने अपने अभिनय से अलग पहचान बनाई।
उनके निभाए गए निशा के किरदार को दर्शकों और समीक्षकों दोनों ने पसंद किया। इस फिल्म ने उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री पुरस्कार दिलाया।
‘जुबैदा’ से बदली ग्लैमरस अभिनेत्री की छवि
अपने करियर के शुरुआती दौर में करिश्मा को अक्सर केवल ग्लैमरस भूमिकाओं तक सीमित अभिनेत्री माना जाता था। लेकिन प्रसिद्ध फिल्मकार श्याम बेनेगल की फिल्म ‘जुबैदा’ ने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया।
फिल्म में शीर्षक भूमिका निभाते हुए करिश्मा ने बेहद संवेदनशील और परिपक्व अभिनय का परिचय दिया। उनके प्रदर्शन को आलोचकों ने करियर का सर्वश्रेष्ठ अभिनय बताया। इस भूमिका के लिए उन्हें फिल्मफेयर क्रिटिक्स अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
गोविंदा के साथ बनी सुपरहिट जोड़ी
करिश्मा कपूर और गोविंदा की जोड़ी हिंदी सिनेमा की सबसे सफल ऑन-स्क्रीन जोड़ियों में गिनी जाती है। दोनों ने कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों में साथ काम किया और दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।
‘राजा बाबू’, ‘कुली नंबर वन’, ‘साजन चले ससुराल’, ‘हीरो नंबर वन’, ‘हसीना मान जाएगी’ और ‘दुल्हे राजा’ जैसी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार सफलता हासिल की। उनकी कॉमिक टाइमिंग और स्क्रीन केमिस्ट्री आज भी याद की जाती है।
विवाह, परिवार और फिल्मों से दूरी
वर्ष 2003 में करिश्मा कपूर ने उद्योगपति संजय कपूर से विवाह किया। विवाह के बाद उन्होंने फिल्मों से दूरी बना ली और पारिवारिक जीवन पर ध्यान केंद्रित किया। उनके दो बच्चे हैं—बेटी समायरा कपूर और बेटा कियान राज कपूर।
बाद में करिश्मा और संजय कपूर का तलाक हो गया। इसके बावजूद करिश्मा ने अपने बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी बखूबी निभाई और एक सशक्त मां के रूप में अपनी पहचान बनाई।
टेलीविजन और बड़े पर्दे पर वापसी
फिल्मों से दूर रहने के बावजूद करिश्मा मनोरंजन जगत से पूरी तरह अलग नहीं हुईं। वर्ष 2003 में उन्होंने टेलीविजन धारावाहिक ‘करिश्मा: द मिरेकल्स ऑफ डेस्टिनी’ में मुख्य भूमिका निभाई, जिसे उस दौर के सबसे महंगे टीवी शो में गिना गया।
इसके बाद वर्ष 2012 में फिल्म ‘डेंजरस इश्क’ के जरिए उन्होंने बड़े पर्दे पर वापसी की। हालांकि फिल्म व्यावसायिक रूप से सफल नहीं रही, लेकिन दर्शकों ने उनकी वापसी का स्वागत किया।
करिश्मा कई लोकप्रिय रियलिटी शो जैसे ‘नच बलिए’, ‘डांस इंडिया डांस’ और ‘इंडियाज बेस्ट डांसर’ में जज और विशेष अतिथि के रूप में भी नजर आईं।
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी बनाया मुकाम
डिजिटल युग में भी करिश्मा कपूर ने खुद को सफलतापूर्वक स्थापित किया। वर्ष 2020 में वे वेब सीरीज ‘मेंटलहुड’ में दिखाई दीं, जिसमें उन्होंने आधुनिक मां का किरदार निभाया। इस भूमिका को दर्शकों और समीक्षकों दोनों ने सराहा।
हाल ही में रिलीज हुई उनकी क्राइम-थ्रिलर वेब सीरीज ‘ब्राउन’ भी चर्चा में रही। इस सीरीज में उन्होंने रीटा ब्राउन नामक एक जुझारू पुलिस अधिकारी की भूमिका निभाई, जो एक जटिल हत्या की जांच के साथ अपने निजी संघर्षों का भी सामना करती है। निर्देशक अभिनय देव की इस सीरीज में उनके अभिनय को काफी सराहना मिली।
पुरस्कारों से सजा शानदार करियर
करिश्मा कपूर को अपने करियर में एक राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, चार फिल्मफेयर पुरस्कार सहित अनेक प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।
उन्हें ‘राजा हिंदुस्तानी’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला, जबकि ‘दिल तो पागल है’ के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार और फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री सम्मान प्राप्त हुआ। ‘फिजा’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री और ‘जुबैदा’ के लिए फिल्मफेयर क्रिटिक्स अवॉर्ड भी उनके नाम दर्ज है।
इसके अलावा आईफा, ज़ी सिने, स्क्रीन और बॉलीवुड मूवी अवॉर्ड्स समेत कई प्रमुख सम्मान उन्हें मिल चुके हैं।
आज भी कायम है करिश्मा का स्टारडम
करीब 65 फिल्मों में अभिनय कर चुकीं करिश्मा कपूर ने हिंदी सिनेमा में अपनी एक अलग और स्थायी पहचान बनाई है। उनकी सादगी, फैशन सेंस, अभिनय क्षमता और पेशेवर प्रतिबद्धता आज भी दर्शकों को आकर्षित करती है।
52 वर्ष की उम्र में भी करिश्मा कपूर न केवल बॉलीवुड की सबसे सम्मानित अभिनेत्रियों में शामिल हैं, बल्कि वे नई पीढ़ी के कलाकारों के लिए मेहनत, प्रतिभा और निरंतर खुद को बदलते रहने का सफल उदाहरण भी हैं।

