नैनीताल, 01 जुलाई। उत्तराखंड में लगभग दस दिन की देरी के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून ने जोरदार दस्तक दे दी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 30 जून को मानसून ने पूरे कुमाऊं मंडल सहित राज्य के अधिकांश हिस्सों को अपने प्रभाव में ले लिया। मानसून के सक्रिय होते ही नैनीताल समेत पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार वर्षा का सिलसिला शुरू हो गया है। बारिश से जहां तापमान में गिरावट आई है, वहीं लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली है।
लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित, मौसम हुआ खुशनुमा
सरोवर नगरी नैनीताल में सोमवार रात से लगातार बारिश हो रही है। दिनभर रुक-रुक कर हो रही वर्षा के कारण जनजीवन आंशिक रूप से प्रभावित रहा, हालांकि लोग बारिश के बीच भी अपने आवश्यक कार्यों में जुटे रहे। पहाड़ियों पर छाया घना कोहरा प्राकृतिक सौंदर्य को और आकर्षक बना रहा है, लेकिन इसके कारण कई स्थानों पर दृश्यता कम होने से आवागमन में भी कठिनाई महसूस की जा रही है।
पर्यटकों की संख्या घटी, होटल किराए में आई कमी
मानसून की शुरुआत के साथ नैनीताल आने वाले पर्यटकों की संख्या में कमी दर्ज की गई है। इसका असर होटल कारोबार पर भी दिखाई दे रहा है और कमरों के किराए में गिरावट आई है। वहीं, शहर की सड़कों पर यातायात का दबाव पहले की तुलना में कम हुआ है। इसके बावजूद प्रमुख पार्किंग स्थल अब भी वाहनों से भरे हुए हैं और शहर की सड़कों पर अच्छी संख्या में वाहन नजर आ रहे हैं।
लगातार बारिश के बावजूद कई पर्यटक नैनी झील में नौकायन का आनंद लेते दिखाई दिए। साथ ही वे नैनीताल के प्राकृतिक सौंदर्य और मानसूनी मौसम का भी भरपूर आनंद उठा रहे हैं।
नैनी झील का जलस्तर बढ़ा, तापमान में आई गिरावट
लगातार हो रही वर्षा का असर नैनी झील के जलस्तर पर भी दिखाई देने लगा है। झील का जलस्तर बढ़कर लगभग 80 फीट तक पहुंच गया है, जो इसके अधिकतम स्तर से करीब 9 फीट नीचे है। वर्षा के कारण नैनीताल, हल्द्वानी और आसपास के क्षेत्रों के तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है, जिससे मौसम काफी सुहावना हो गया है।
कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट, सतर्क रहने की सलाह
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने नैनीताल सहित उत्तराखंड के कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार अगले चार से पांच दिनों तक गरज-चमक, तेज हवाओं और कई स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना बनी हुई है।
प्रशासन और मौसम विभाग ने नागरिकों तथा पर्यटकों से अनावश्यक यात्रा से बचने, विशेषकर पर्वतीय क्षेत्रों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की है। भूस्खलन की आशंका को देखते हुए यात्रियों को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

