हरिद्वार, 28 जून। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के पुनर्गठन के बाद श्रीमहंत राजेंद्र दास महाराज को महामंत्री बनाए जाने पर रविवार को हरिद्वार स्थित बैरागी कैंप के निर्मोही अखाड़े में भव्य स्वागत समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर संत समाज ने उन्हें पुष्पमालाएं पहनाकर और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया तथा नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।
संत समाज का सम्मान और अभिनंदन
समारोह में विभिन्न अखाड़ों के संत-महात्माओं की उपस्थिति रही। सभी ने एक स्वर में श्रीमहंत राजेंद्र दास महाराज के नेतृत्व पर विश्वास जताया और कहा कि उनके अनुभव से अखाड़ा परिषद और अधिक सशक्त होगी।
संतों ने कहा कि वे लंबे समय से धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते आ रहे हैं, जिससे संत समाज को नई दिशा और ऊर्जा मिलेगी।
धर्म और संस्कृति की रक्षा का संकल्प
स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए नवनियुक्त महामंत्री श्रीमहंत राजेंद्र दास महाराज ने कहा कि संत समाज ने जो विश्वास व्यक्त करते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा है, उसका वे पूर्ण निष्ठा और समर्पण के साथ निर्वहन करेंगे।
उन्होंने कहा कि अखाड़ा परिषद केवल संतों का संगठन नहीं, बल्कि सनातन धर्म की गौरवशाली परंपराओं का प्रतिनिधि मंच है। इसकी गरिमा बनाए रखना हर संत का कर्तव्य है।
उन्होंने यह भी कहा कि धर्म की रक्षा, संत समाज की एकजुटता और सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए परिषद निरंतर कार्य करती रहेगी।
कुंभ पर्व की तैयारियों पर विशेष जोर
राजेंद्र दास महाराज ने आगामी कुंभ पर्व को लेकर कहा कि सभी अखाड़ों के साथ समन्वय स्थापित कर इसे भव्य और सुव्यवस्थित रूप दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कुंभ की प्राचीन परंपराओं, शास्त्रीय मर्यादाओं और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखते हुए श्रद्धालुओं को बेहतर आध्यात्मिक वातावरण उपलब्ध कराना प्राथमिकता होगी।
संत समाज की एकजुटता पर बल
महामंत्री ने कहा कि अखाड़ा परिषद संतों के सम्मान, धार्मिक संस्थाओं के हितों की रक्षा और समाज में आध्यात्मिक चेतना के प्रसार के लिए निरंतर सक्रिय रहेगी।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संत समाज के सहयोग से कुंभ पर्व को सनातन संस्कृति के विश्वव्यापी संदेश का माध्यम बनाया जाएगा।
संतों ने जताया विश्वास
कार्यक्रम में उपस्थित संतों ने कहा कि श्रीमहंत राजेंद्र दास महाराज के नेतृत्व में अखाड़ा परिषद और अधिक मजबूत होगी तथा धर्म, संस्कृति और राष्ट्रहित से जुड़े मुद्दों पर प्रभावी भूमिका निभाएगी।
समारोह में कई प्रमुख संतों और अखाड़ा प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही, जिन्होंने नव नियुक्त महामंत्री को शुभकामनाएं दीं और उनके कार्यकाल को सफल रहने की कामना की।

