नई दिल्ली, 28 जून। चालू वित्त वर्ष की जून तिमाही में गर्मी के उत्पादों की मांग अलग-अलग श्रेणियों में अलग रुख के साथ सामने आई है। जहां मौसम में बदलाव और महंगाई के कारण वातानुकूलित यंत्रों की बिक्री उद्योग की अपेक्षाओं से कमजोर रही, वहीं शीतल पेय, आइसक्रीम, दुग्ध उत्पादों और पारंपरिक गर्मी से राहत देने वाले खाद्य पदार्थों की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।
उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि जून के दौरान देश के कई हिस्सों में समय से पहले मानसून, बेमौसम बारिश, तेज आंधी और शाम के समय तापमान में आई गिरावट के कारण लोगों ने वातानुकूलित यंत्रों का अपेक्षित उपयोग नहीं किया। दूसरी ओर बढ़ती महंगाई ने भी उपभोक्ताओं के खरीदारी व्यवहार को प्रभावित किया, जिससे महंगे उत्पादों की मांग सीमित रही।
मौसम और महंगाई से प्रभावित हुई वातानुकूलित यंत्रों की बिक्री
घरेलू उपकरण बनाने वाली प्रमुख कंपनी के उपकरण कारोबार प्रमुख कमल नंदी ने बताया कि शीतलता प्रदान करने वाले उत्पादों की मांग इस तिमाही में मिश्रित रही। उनके अनुसार, शीत भंडारण यंत्रों की मांग सामान्य और प्रीमियम दोनों वर्गों में मजबूत बनी हुई है, जबकि मानसून के आगमन के साथ कपड़े धोने वाली मशीनों की मांग में भी तेजी देखने को मिली है।
हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि जून महीने में विशेष रूप से उत्तर भारत सहित देश के अधिकांश हिस्सों में वातानुकूलित यंत्रों की बिक्री में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण मौसम का बदला हुआ स्वरूप रहा। कई राज्यों में लगातार बारिश और रात के समय तापमान सामान्य से कम रहने के कारण लोगों ने वातानुकूलित यंत्र खरीदने की आवश्यकता कम महसूस की।
उन्होंने यह भी कहा कि पिछले कुछ वर्षों में लागत बढ़ने के कारण वातानुकूलित यंत्रों की कीमतों में लगभग 18 से 20 प्रतिशत तक वृद्धि हो चुकी है। इसी वजह से बड़ी संख्या में उपभोक्ता अपेक्षाकृत कम कीमत वाले वायु शीतक और पंखों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
मूल्य वृद्धि से बढ़ा प्रीमियम उत्पादों का योगदान
उद्योग से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, इस बार गर्मी का मौसम उद्योग की उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा। विशेष रूप से जून का महीना बिक्री के लिहाज से अपेक्षाकृत कमजोर साबित हुआ। हालांकि कुल कारोबार के मूल्य में लगभग 35 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इसका प्रमुख कारण प्रीमियम श्रेणी के उत्पादों की बढ़ती हिस्सेदारी और उत्पादों की ऊंची कीमतें रही हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि कुल कारोबार के मूल्य में वृद्धि का अर्थ यह नहीं है कि बिक्री की मात्रा भी उसी अनुपात में बढ़ी है। मूल्य वृद्धि और महंगे उत्पादों की हिस्सेदारी बढ़ने से कारोबार का आकार बड़ा दिखाई दे रहा है।
शीतल पेय और आइसक्रीम की मांग रही मजबूत
वहीं दूसरी ओर गर्मी से राहत देने वाले पेय पदार्थों और खाद्य उत्पादों की मांग पूरे मौसम में मजबूत बनी रही। पेय पदार्थ क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, छोटे आकार के पैक और तत्काल उपलब्धता की सुविधा ने बिक्री को गति दी है।
कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि उपभोक्ताओं की बदलती पसंद को देखते हुए वितरण व्यवस्था और शीत भंडारण सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है ताकि मांग के अनुरूप सभी क्षेत्रों में उत्पाद आसानी से उपलब्ध कराए जा सकें।
दुग्ध उत्पादों की बिक्री में उल्लेखनीय बढ़ोतरी
दुग्ध क्षेत्र में भी सकारात्मक रुझान देखने को मिला। कंपनी के प्रबंध निदेशक जयतीर्थ चारी के अनुसार जून तिमाही के दौरान ताजे दुग्ध उत्पादों और आइसक्रीम की बिक्री मात्रा में पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 30 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई।
उन्होंने बताया कि आइसक्रीम, दही, दुग्ध पेय तथा मूल्यवर्धित दुग्ध उत्पादों की बढ़ती मांग ने कारोबार को मजबूती प्रदान की। बढ़ते तापमान और उपभोक्ताओं की बदलती खानपान की आदतों ने इन उत्पादों की खपत बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
तत्काल उपभोग वाले उत्पादों की मांग में तेजी
आइसक्रीम उद्योग के प्रतिनिधियों के अनुसार कोन, स्टिक और एकल उपयोग वाले छोटे कप जैसी श्रेणियों की मांग में लगातार वृद्धि हो रही है। उपभोक्ताओं तक कम समय में सामान पहुंचाने वाली सेवाओं के विस्तार और तत्काल उपभोग की बढ़ती प्रवृत्ति ने इन उत्पादों की बिक्री को अतिरिक्त गति दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सुविधा आधारित खरीदारी का बढ़ता चलन आने वाले समय में भी इस श्रेणी के कारोबार को मजबूती देता रहेगा।
पारंपरिक भारतीय स्वाद की लोकप्रियता बरकरार
खाद्य उत्पाद क्षेत्र में भी पारंपरिक भारतीय स्वाद वाले उत्पादों की मांग में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। रायता मसाला, छाछ मसाला, जलजीरा और काला नमक जैसे उत्पादों की बिक्री गर्मी के मौसम में लगातार बढ़ी।
उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि यह रुझान स्पष्ट करता है कि आधुनिक पेय पदार्थों के साथ-साथ पारंपरिक भारतीय पेय और स्वाद आज भी ग्रामीण तथा शहरी दोनों बाजारों में उपभोक्ताओं की पहली पसंद बने हुए हैं।
मांग का रुख मौसम और उपभोक्ता व्यवहार पर निर्भर
विशेषज्ञों का मानना है कि इस वर्ष गर्मी से जुड़े उत्पादों की मांग पर मौसम और उपभोक्ताओं की खर्च करने की क्षमता का सबसे अधिक प्रभाव देखने को मिला। जहां महंगे उत्पादों की बिक्री दबाव में रही, वहीं दैनिक उपयोग और तत्काल राहत देने वाले उत्पादों की मांग मजबूत बनी रही। आने वाले महीनों में मानसून की स्थिति, महंगाई और उपभोक्ता विश्वास का स्तर इन श्रेणियों की मांग की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


