देहरादून, 25 जून। यूनाइटेड किंगडम में न्यायिक हिरासत में रखे गए उत्तराखंड निवासी कैप्टन अजय पंत के मामले में भारत सरकार और लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुरोध के बाद उच्चायोग द्वारा मामले की नियमित निगरानी की जा रही है और राज्य सरकार को समय-समय पर स्थिति की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।
मुख्यमंत्री को भेजी गई ताजा जानकारी में भारतीय उच्चायोग ने बताया है कि कैप्टन अजय पंत वर्तमान में एचएमपी विनचेस्टर जेल में न्यायिक हिरासत में हैं। उच्चायोग के अधिकारियों ने 19 जून 2026 को जेल की टेलीफोन सुविधा के माध्यम से उनसे संपर्क स्थापित किया था।
कैप्टन पंत ने स्वयं को बताया स्वस्थ
उच्चायोग के अनुसार बातचीत के दौरान कैप्टन अजय पंत ने अपनी स्वास्थ्य स्थिति को संतोषजनक बताया। उन्होंने कहा कि जेल प्रशासन की ओर से उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही उन्होंने यह भी जानकारी दी कि वह अपनी पत्नी के साथ नियमित संपर्क में हैं।
भारतीय उच्चायोग ने मामले को यूनाइटेड किंगडम के विदेश, राष्ट्रमंडल एवं विकास कार्यालय (एफसीडीओ) के समक्ष भी उठाया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कैप्टन पंत को समयबद्ध कांसुलर सहायता मिलती रहे और उनकी सुरक्षा, स्वास्थ्य तथा कानूनी अधिकारों का पूर्ण संरक्षण हो।
परिवार और कानूनी प्रतिनिधियों के संपर्क में उच्चायोग
उच्चायोग ने बताया कि वह कैप्टन पंत की पत्नी, उनके नियोक्ता एनर्जियोस मैरीटाइम प्राइवेट लिमिटेड, कानूनी प्रतिनिधियों तथा अन्य संबंधित पक्षों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है।
कंपनी की ओर से कैप्टन पंत को आवश्यक कानूनी सहायता उपलब्ध कराने और उनके परिवार को हरसंभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया गया है। भारतीय मिशन पूरे मामले पर करीबी नजर रखते हुए आवश्यक समन्वय कर रहा है।
16 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
जानकारी के अनुसार न्यायालय में पेशी के बाद कैप्टन अजय पंत को न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। मामले की अगली सुनवाई 16 जुलाई 2026 को निर्धारित की गई है।
भारतीय उच्चायोग ने स्पष्ट किया है कि कैप्टन पंत और उनके परिवार को आवश्यक कांसुलर सहायता भविष्य में भी निरंतर उपलब्ध कराई जाती रहेगी।
राज्य सरकार ने जताई संवेदनशीलता
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार अपने नागरिकों के हितों और सुरक्षा के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। उन्होंने बताया कि इस मामले में राज्य सरकार भारत सरकार, विदेश मंत्रालय और भारतीय उच्चायोग के साथ निरंतर संपर्क में है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी संबंधित एजेंसियां समन्वित प्रयासों के माध्यम से कैप्टन अजय पंत को आवश्यक सहायता और संरक्षण उपलब्ध कराएंगी तथा उनके हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
