देहरादून, 23 जून।
भूस्खलन और सड़क अवरोध की आशंका के बीच खाद्यान्न आपूर्ति व्यवस्था मजबूत, चारधाम रूट को प्राथमिकता
मानसून के दौरान भारी बारिश और भूस्खलन से संभावित बाधाओं को देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने पर्वतीय जनपदों में खाद्यान्न आपूर्ति की विशेष और अग्रिम व्यवस्था लागू कर दी है। राज्य सरकार ने दुर्गम और दूरस्थ क्षेत्रों में तीन माह का राशन एक साथ पहुंचा दिया है, जिसका वितरण एक जुलाई से शुरू किया जाएगा।
सरकारी स्तर पर की गई इस तैयारी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बारिश के मौसम में सड़क मार्ग बाधित होने या परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति में भी आम जनता को खाद्यान्न संकट का सामना न करना पड़े।
दुर्गम क्षेत्रों में पहले से पहुंचाया गया तीन माह का स्टॉक
शासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार पर्वतीय जनपदों के सुदूर क्षेत्रों में स्थित सभी सरकारी गोदामों में जुलाई, अगस्त और सितंबर माह का खाद्यान्न पहले ही सुरक्षित भंडारित कर दिया गया है। यह व्यवस्था विशेष रूप से उन क्षेत्रों के लिए की गई है, जहां मानसून के दौरान सड़क संपर्क अक्सर बाधित हो जाता है।
अधिकारियों के अनुसार इस कदम से आपदा जैसी परिस्थितियों में भी ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्यान्न आपूर्ति निर्बाध बनी रहेगी।
चारधाम यात्रा मार्गों पर विशेष निगरानी
इस बार चारधाम यात्रा से जुड़े जनपदों और मार्गों पर खाद्यान्न आपूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। संबंधित क्षेत्रों के सभी गोदामों में समयबद्ध तरीके से राशन की आपूर्ति पूरी कर ली गई है।
राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने सभी जिला आपूर्ति अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे भंडारण और वितरण व्यवस्था पर चौबीस घंटे निगरानी रखें तथा किसी भी प्रकार की कमी या व्यवधान की स्थिति में तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करें।
बफर स्टॉक से आपात स्थिति की तैयारी
विभाग ने सभी जिलों में अतिरिक्त खाद्यान्न भंडार (बफर स्टॉक) बनाए रखने के भी निर्देश जारी किए हैं, ताकि किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में तुरंत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
जुलाई में तीन माह का वितरण पूरा करने का लक्ष्य
अपर आयुक्त खाद्य पी.एस. पांगती ने बताया कि मानसून को ध्यान में रखते हुए पर्वतीय क्षेत्रों में राशन की अग्रिम आपूर्ति की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी गई थी। उन्होंने कहा कि सभी गोदामों में तीन माह का राशन सुरक्षित पहुंच चुका है।
उन्होंने जानकारी दी कि एक जुलाई से राशन डीलरों के माध्यम से वितरण कार्य शुरू किया जाएगा और जुलाई माह के भीतर ही उपभोक्ताओं को तीनों महीनों का राशन चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध करा दिया जाएगा।
सरकार का यह कदम मानसून के दौरान खाद्यान्न आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने और ग्रामीण व दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को राहत प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

