देहरादून, 18 सितंबर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से उत्तराखंड के 100 प्रमुख ट्रेक एवं हाइक रूट्स की जीपीएस/जीआईएस मैपिंग और तकनीकी सर्वेक्षण के लिए अभियान दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद की टीमें चयनित ट्रेकिंग मार्गों का स्थलीय सर्वेक्षण कर उनकी विस्तृत मैपिंग करेंगी।
ट्रेकिंग मार्गों को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड में साहसिक और ट्रेकिंग पर्यटन की व्यापक संभावनाएं हैं। प्रसिद्ध ट्रेकिंग क्षेत्रों के साथ-साथ दूरस्थ और कम प्रसिद्ध मार्गों को भी पर्यटन मानचित्र पर लाने में आधुनिक तकनीक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तरीके से की जाने वाली मैपिंग से ट्रेकिंग को अधिक सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ पर्यटकों की सुरक्षा राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य होंगे प्रभावी
धामी ने बताया कि जीपीएस/जीआईएस मैपिंग के माध्यम से ट्रेकर्स को मार्ग से जुड़ी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जा सकेगी। इसके अलावा आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्यों को भी अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने हिमालयी पारिस्थितिकी के संरक्षण पर विशेष ध्यान देने की बात कही।
सचिव पर्यटन धीराज गर्ब्याल ने बताया कि परियोजना के तहत उत्तराखंड के 100 प्रमुख ट्रेक एवं हाइक रूट्स का जीपीएस/जीआईएस मैपिंग और तकनीकी सर्वेक्षण किया जाएगा। इसके आधार पर ऑफलाइन और ऑनलाइन जीपीएस नेविगेशन ऐप विकसित किया जाएगा। नेटवर्क कनेक्टिविटी नहीं होने की स्थिति में भी ट्रेकर्स मोबाइल फोन के माध्यम से ट्रेल और रूट से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
कैंप साइट, डस्टबिन और शौचालय के लिए भी होगी पहचान
परियोजना पूरी होने के बाद उत्तराखंड सभी 100 मैप किए गए ट्रेकिंग मार्गों को कवर करने वाला ऑफलाइन एवं ऑनलाइन जीपीएस नेविगेशन ऐप विकसित करने वाला देश का पहला राज्य बनेगा। यह ऐप नेविगेशन के साथ आपात परिस्थितियों में बचाव अभियान में भी उपयोगी होगा।
मैपिंग के दौरान कैंप साइट, डस्टबिन और शौचालय के लिए उपयुक्त स्थानों की भी पहचान की जाएगी। इससे ट्रेकिंग मार्गों पर सुविधाओं के विकास, कूड़ा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी योजनाएं तैयार करने में सहायता मिलेगी। परियोजना के तहत विस्तृत परियोजना रिपोर्ट और कॉफी टेबल बुक भी तैयार की जाएगी।
स्थानीय लोगों की सहभागिता पर जोर
मुख्यमंत्री ने परियोजना में स्थानीय लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इससे दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में गाइडिंग, होमस्टे और अन्य पर्यटन गतिविधियों के माध्यम से रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, अपर सचिव पर्यटन एवं अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद अभिषेक रुहेला, अपर निदेशक पर्यटन पूनम चंद सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

