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डीआर कांगो ने उज्बेकिस्तान को 3-1 से हराकर राउंड ऑफ 32 में बनाई जगह, दूसरे हाफ में शानदार वापसी

अटलांटा, 28 जून। डीआर कांगो ने फीफा विश्वकप के ग्रुप मुकाबले में जबरदस्त वापसी करते हुए उज्बेकिस्तान को 3-1 से हरा दिया और राउंड ऑफ 32 में अपनी जगह पक्की कर ली। पहले हाफ में पिछड़ने के बावजूद अफ्रीकी टीम ने दूसरे हाफ में आक्रामक खेल दिखाते हुए मैच का पूरा रुख बदल दिया।

मर्सिडीज-बेंज स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में उज्बेकिस्तान ने शुरुआती बढ़त बनाई, लेकिन इसके बाद डीआर कांगो ने लगातार दबाव बनाते हुए तीन गोल दागकर शानदार जीत दर्ज की। इस हार के साथ उज्बेकिस्तान लगातार तीसरी हार झेलकर टूर्नामेंट से बाहर हो गया।

उज्बेकिस्तान की तेज शुरुआत और शुरुआती बढ़त

मैच की शुरुआत में ही उज्बेकिस्तान ने आक्रामक तेवर दिखाए। पहले ही मिनट में एल्डोर शोमुरोदोव ने लगभग गोल कर दिया था, लेकिन ऑफसाइड के कारण वह प्रयास अमान्य कर दिया गया।

हालांकि, 10वें मिनट में शोमुरोदोव ने गलती का फायदा उठाते हुए टीम को बढ़त दिला दी। डीआर कांगो की रक्षापंक्ति में हुई चूक का लाभ उठाकर उन्होंने गेंद पर नियंत्रण किया और आगे बढ़ते गोलकीपर के ऊपर से शानदार चिप लगाकर स्कोर 1-0 कर दिया।

इस शुरुआती गोल के बाद उज्बेकिस्तान ने कुछ समय तक खेल पर नियंत्रण बनाए रखा, जबकि कांगो की टीम लय पकड़ने में संघर्ष करती रही।

पहले हाफ में डीआर कांगो का प्रयास और रद्द गोल

धीरे-धीरे डीआर कांगो ने खेल में वापसी की कोशिश शुरू की और गेंद पर कब्जा बढ़ाया। हाफटाइम से ठीक पहले नथानिएल म्बुकु ने गोल भी दाग दिया, लेकिन लंबी तकनीकी समीक्षा के बाद उसे रद्द कर दिया गया।

निर्णय के अनुसार, गोल से पहले के मूव में फाउल होने के कारण यह प्रयास अमान्य घोषित किया गया। इस फैसले से कांगो की टीम को बड़ा झटका लगा और वह पहले हाफ में एक गोल से पीछे रही।

दूसरे हाफ में बदला मैच का रुख

दूसरे हाफ की शुरुआत के साथ ही डीआर कांगो ने अपनी रणनीति बदली और तेज आक्रमण शुरू किए। टीम ने लगातार उज्बेकिस्तान के पेनल्टी क्षेत्र में दबाव बनाना शुरू किया।

66वें मिनट में मैच का सबसे अहम मोड़ आया जब योआने विसा को बॉक्स के अंदर गिराया गया। रेफरी ने बिना देर किए पेनल्टी दी, जिसे विसा ने 68वें मिनट में शांतिपूर्वक गोल में बदल दिया। इस गोल के साथ स्कोर 1-1 हो गया और मुकाबला पूरी तरह रोमांचक बन गया।

निर्णायक गोल से मिली बढ़त

बराबरी के बाद डीआर कांगो ने और आक्रामक खेल दिखाया। मैनेजर द्वारा किए गए बदलाव भी टीम के लिए निर्णायक साबित हुए।

78वें मिनट में मेशैक एलिया ने पेनल्टी क्षेत्र में शानदार प्रवेश किया और शॉट लिया, जिसे डिफेंडर ने रोकने की कोशिश की लेकिन गेंद डिफ्लेक्ट होकर फिस्टन मायले के पास पहुंच गई। मायले ने तेजी दिखाते हुए करीब से गेंद को नेट में पहुंचाकर टीम को 2-1 की बढ़त दिला दी।

इस गोल के बाद उज्बेकिस्तान वापसी की कोशिश करता रहा, लेकिन कांगो की रक्षापंक्ति ने उसे कोई स्पष्ट मौका नहीं दिया।

स्टॉपेज टाइम में विसा का शानदार गोल

अतिरिक्त समय के पहले मिनट में डीआर कांगो ने मैच पर पूरी पकड़ मजबूत कर ली। मेशैक एलिया ने गेंद को नियंत्रित करते हुए योआने विसा को पास दिया।

विसा ने लगभग 20 गज की दूरी से शानदार लो शॉट लगाया, जो सीधे निचले कोने में जाकर लगा और टीम की जीत सुनिश्चित कर दी। यह उनका मैच का दूसरा और टूर्नामेंट का तीसरा गोल था।

कांगो की ऐतिहासिक जीत और नॉकआउट प्रवेश

इस जीत के साथ डीआर कांगो ने न केवल ग्रुप में मजबूत प्रदर्शन किया बल्कि पहली बार विस्तारित फीफा विश्वकप प्रारूप में नॉकआउट चरण में प्रवेश भी सुनिश्चित किया।

अब राउंड ऑफ 32 में उनका मुकाबला इंग्लैंड से होगा, जबकि उज्बेकिस्तान तीनों मैच हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गया।

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