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प्रियंका चोपड़ा: ‘अच्छे आइडिया ही सबसे बड़ी पूंजी’, नए फिल्मकारों के लिए पहले से ज्यादा खुले हैं अवसर

मुंबई, 25 जून: कैंस लायंस सम्मेलन में प्रियंका चोपड़ा ने साझा किए संघर्ष के अनुभव; कहा- डिजिटल प्लेटफॉर्म्स ने प्रतिभाशाली रचनाकारों के लिए बदला खेल

बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक अपनी मजबूत पहचान बना चुकी अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा जोनस का मानना है कि वर्तमान दौर रचनात्मक लोगों और नए कलाकारों के लिए अभूतपूर्व अवसरों का समय है। उन्होंने कहा कि डिजिटल क्रांति और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स के विस्तार ने मनोरंजन उद्योग में प्रवेश के पारंपरिक अवरोधों को काफी हद तक कम कर दिया है, जिससे प्रतिभाशाली लोगों को अपनी कहानियां दुनिया तक पहुंचाने का बेहतर मंच मिला है।

कैंस लायंस सम्मेलन के दौरान आयोजित एक सत्र में प्रियंका चोपड़ा ने मनोरंजन उद्योग में आए बदलावों और नए फिल्मकारों के लिए उभरती संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की।

‘अच्छा विचार हो तो दुनिया तक पहुंचना आसान’

प्रियंका ने कम बजट में बनी सफल हॉरर फिल्म ‘ऑब्सेशन’ का उदाहरण देते हुए कहा कि आज के समय में किसी भी प्रतिभाशाली व्यक्ति के लिए अपनी रचनात्मक सोच को वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाना पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान हो गया है।

उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास एक मजबूत और प्रभावशाली विचार है, तो वह सीमित संसाधनों में भी उसे फिल्मा सकता है, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर साझा कर सकता है और बड़ी सफलता हासिल कर सकता है। उनके अनुसार, वर्तमान दौर में विचार और रचनात्मकता ही सबसे बड़ी पूंजी हैं।

शुरुआती संघर्षों को किया याद

प्रियंका चोपड़ा ने अपने करियर के शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि जब उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा था, तब परिस्थितियां काफी अलग थीं। उनका परिवार फिल्म जगत से नहीं जुड़ा था, जिससे इंडस्ट्री की कार्यप्रणाली को समझना और उसमें अपनी जगह बनाना आसान नहीं था।

उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता डॉक्टर थे और परिवार का मनोरंजन उद्योग से कोई संबंध नहीं था। उस समय फिल्म जगत अपेक्षाकृत सीमित था और अवसर भी चुनिंदा लोगों तक ही पहुंचते थे। ऐसे माहौल में अपने दम पर पहचान बनाना एक बड़ी चुनौती थी।

भारतीय सिनेमा की वैश्विक पहचान पर जताई खुशी

प्रियंका ने बताया कि अपने करियर के शुरुआती दौर में उन्हें अक्सर यह सुनने को मिलता था कि भारतीय सिनेमा कभी हॉलीवुड जैसा वैश्विक प्रभाव नहीं बना पाएगा, क्योंकि भारतीय फिल्में मुख्य रूप से अंग्रेजी भाषा में नहीं बनतीं।

हालांकि, समय के साथ यह धारणा पूरी तरह बदल गई। उन्होंने कहा कि आज भारतीय कंटेंट को दुनिया भर में सराहा जा रहा है और वैश्विक दर्शक भारतीय कहानियों को उत्साह के साथ देख रहे हैं। इसमें स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स और डिजिटल माध्यमों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

नए फिल्मकारों को मंच देने के लिए शुरू किया प्रोडक्शन हाउस

प्रियंका चोपड़ा ने बताया कि उन्होंने अपना प्रोडक्शन हाउस इसी उद्देश्य से शुरू किया था कि ऐसे प्रतिभाशाली फिल्मकारों और रचनात्मक युवाओं को अवसर मिल सके, जिनके पास बेहतरीन विचार तो हैं, लेकिन संसाधनों या संपर्कों की कमी के कारण उन्हें उचित मंच नहीं मिल पाता।

उन्होंने कहा कि वह ऐसे लोगों के सपनों को साकार करने में सहयोग देना चाहती हैं, जो अपनी प्रतिभा के बल पर कुछ नया और प्रभावशाली रचना चाहते हैं।

बदलते मनोरंजन जगत की नई तस्वीर

प्रियंका चोपड़ा का मानना है कि आज मनोरंजन उद्योग पहले से कहीं अधिक लोकतांत्रिक हो गया है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स ने प्रतिभा को पहचान दिलाने की प्रक्रिया को आसान बनाया है और अब सफलता केवल बड़े स्टूडियो या स्थापित नेटवर्क तक सीमित नहीं रह गई है। उनके अनुसार, आने वाले वर्षों में रचनात्मकता, मौलिक विचार और डिजिटल पहुंच ही मनोरंजन जगत की सबसे बड़ी ताकत साबित होंगे।

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