नई दिल्ली, 25 जून: आईएनएस दूनागिरी, आईएनएस अग्रय और आईएनएस संशोधक के निर्माण में सेल की अहम भूमिका; डीएमआर 249ए ग्रेड विशेष स्टील से तैयार हुए आधुनिक नौसैनिक पोत
देश की अग्रणी सार्वजनिक क्षेत्र की इस्पात कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने भारतीय नौसेना की सामरिक क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस्पात मंत्रालय के अधीन महारत्न कंपनी सेल ने हाल ही में नौसेना में शामिल किए गए तीन अत्याधुनिक जहाजों—आईएनएस दूनागिरी, आईएनएस अग्रय और आईएनएस संशोधक—के निर्माण के लिए कुल 5,700 टन विशेष समुद्री लड़ाकू ग्रेड स्टील की आपूर्ति की है।
इन तीनों आधुनिक नौसैनिक पोतों को 21 जून को कोलकाता स्थित श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने औपचारिक रूप से भारतीय नौसेना को समर्पित किया। ये जहाज क्रमशः उन्नत स्टील्थ फ्रिगेट, उथले जल क्षेत्र के लिए पनडुब्बी रोधी युद्धपोत और सर्वेक्षण पोत की श्रेणी में आते हैं।
नौसैनिक निर्माण में सेल की महत्वपूर्ण भूमिका
सेल ने बुधवार को जारी एक विज्ञप्ति में बताया कि कंपनी ने इन जहाजों के निर्माण के लिए विशेष रूप से विकसित डीएमआर 249ए ग्रेड हॉट-रोल्ड शीट और प्लेट की आपूर्ति की है। यह उच्च गुणवत्ता वाला इस्पात बोकारो, भिलाई और राउरकेला इस्पात संयंत्रों में अत्याधुनिक तकनीक और कड़े गुणवत्ता मानकों के तहत तैयार किया गया।
कंपनी के अनुसार, समुद्री युद्धपोतों के निर्माण में प्रयुक्त इस विशेष इस्पात की आपूर्ति के माध्यम से सेल ने देश की नौसैनिक ताकत को बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यह उपलब्धि रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी निर्माण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक अहम कदम मानी जा रही है।
पहले भी कई प्रमुख नौसैनिक परियोजनाओं का हिस्सा रही है सेल
सेल इससे पहले भी भारतीय नौसेना की कई रणनीतिक परियोजनाओं के लिए विशेष इस्पात उपलब्ध करा चुकी है। कंपनी ने स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत के निर्माण के लिए भी स्टील की आपूर्ति की थी। इसके अलावा प्रोजेक्ट-17ए के तहत विकसित स्टील्थ फ्रिगेट्स आईएनएस नीलगिरि, आईएनएस हिमगिरि और आईएनएस उदयगिरि के निर्माण में भी सेल का इस्पात इस्तेमाल किया गया है।
यही नहीं, आईएनएस अजय, आईएनएस निस्तार और आईएनएस अंजदीप जैसे महत्वपूर्ण नौसैनिक जहाजों के निर्माण में भी कंपनी की भागीदारी रही है।
रक्षा क्षेत्र की बढ़ती जरूरतों के लिए क्षमता विस्तार
सेल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. अशोक कुमार पंडा ने कहा कि कंपनी भारत के रक्षा क्षेत्र की आत्मनिर्भरता संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि रक्षा क्षेत्र की बढ़ती मांग को देखते हुए विशेष रूप से राउरकेला स्टील प्लांट के स्पेशल प्लेट प्लांट में डीएमआर ग्रेड प्लेटों के उत्पादन विस्तार पर जोर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि उच्च क्षमता वाली डीएमआर 249ए स्टील प्लेटों की आपूर्ति न केवल भारत की रणनीतिक स्वतंत्रता को मजबूत करती है, बल्कि सेल की तकनीकी दक्षता और वैश्विक स्तर की विनिर्माण क्षमता को भी प्रदर्शित करती है।
