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कुंभ 2027 को भव्य और ऐतिहासिक बनाने की तैयारी तेज, संत समाज के सुझावों के आधार पर अंतिम रूप ले रहीं व्यवस्थाएं

हरिद्वार, 25 जून। कुंभ 2027: हरिद्वार में मेला प्रशासन और अखाड़ों के बीच लगातार संवाद; संतों ने कहा- सनातन संस्कृति के वैश्विक महापर्व को यादगार बनाने के लिए हो रहे गंभीर प्रयास

धर्मनगरी हरिद्वार में प्रस्तावित कुंभ मेला 2027 की तैयारियां तेज गति से आगे बढ़ रही हैं। राज्य सरकार और मेला प्रशासन इस महाआयोजन को दिव्य, भव्य और ऐतिहासिक स्वरूप देने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य कर रहे हैं। तैयारियों में संत समाज के सुझावों और मार्गदर्शन को विशेष महत्व दिया जा रहा है, ताकि आयोजन की व्यवस्थाएं परंपराओं और धार्मिक मर्यादाओं के अनुरूप सुनिश्चित की जा सकें।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुसार कुंभ क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं के विकास, यातायात व्यवस्था, स्वच्छता, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है। मेला प्रशासन विभिन्न अखाड़ों और आश्रमों के प्रमुख संतों के साथ नियमित संवाद स्थापित कर उनकी अपेक्षाओं और सुझावों को तैयारियों में शामिल कर रहा है।

संतों से संवाद कर लिया जा रहा फीडबैक

इसी क्रम में अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने मेला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैरागी अखाड़ा निर्वाणी के मुरली दास महाराज तथा नया उदासीन अखाड़ा के महामंडलेश्वर एवं मिश्री मठ के प्रमुख शंकर करौली महाराज सहित अनेक संतों से मुलाकात की। इस दौरान कुंभ मेला 2027 की तैयारियों और प्रस्तावित व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी साझा की गई।

बैठक में संतों से विभिन्न व्यवस्थाओं को लेकर सुझाव और फीडबैक प्राप्त किया गया, ताकि आयोजन को और अधिक सुव्यवस्थित एवं सफल बनाया जा सके।

कुंभ केवल मेला नहीं, सनातन संस्कृति का महापर्व

संत समाज ने तैयारियों पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि कुंभ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना, ज्ञान, तप, सेवा और भारतीय सांस्कृतिक विरासत का विश्वस्तरीय महापर्व है।

संतों ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में कुंभ मेले को ऐतिहासिक और यादगार बनाने की दिशा में गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी कुंभ मेला देश और दुनिया के करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए एक अद्वितीय आध्यात्मिक अनुभव साबित होगा।

देश-विदेश के श्रद्धालुओं से सहभागिता का आह्वान

संत समाज ने देश और विदेश के श्रद्धालुओं से कुंभ मेला 2027 में अधिकाधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन भारतीय आध्यात्मिक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का दुर्लभ अवसर प्रदान करता है।

मेला प्रशासन का कहना है कि सभी विभागों के समन्वय से तैयारियों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है, ताकि कुंभ 2027 को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और ऐतिहासिक बनाया जा सके।

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