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उत्तराखंड फिल्म नीति का असर दिखने लगा, फिल्म शिक्षा के लिए तीन युवाओं को मिली छात्रवृत्ति

देहरादून, 30 जून। उत्तराखंड सरकार की फिल्म नीति-2024 का लाभ अब राज्य के युवाओं तक पहुंचना शुरू हो गया है। उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद ने भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान, पुणे से फिल्म शिक्षा पूरी करने वाले राज्य के तीन विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की है। सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य फिल्म और रचनात्मक कला के क्षेत्र में युवाओं को आर्थिक सहयोग देकर उनकी प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना है।

फिल्म शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड के युवा रचनात्मक क्षमता और प्रतिभा से भरपूर हैं। राज्य सरकार उन्हें अपनी योग्यता विकसित करने और देशभर में पहचान बनाने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

उन्होंने कहा कि फिल्म नीति-2024 के माध्यम से प्रतिष्ठित फिल्म संस्थानों में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देकर उनके सपनों को नई दिशा और मजबूती प्रदान की जा रही है। इससे राज्य में फिल्म निर्माण और रचनात्मक उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा।

मेरिट के आधार पर दी जा रही छात्रवृत्ति

उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बंशीधर तिवारी ने बताया कि फिल्म नीति-2024 के तहत भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान, पुणे, सत्यजीत रे फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान, कोलकाता तथा अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश लेने वाले उत्तराखंड के स्थायी निवासी विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम पूरा करने और प्रमाणपत्र प्राप्त करने के बाद मेरिट के आधार पर छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है।

उन्होंने बताया कि इस योजना का उद्देश्य आर्थिक सहायता के माध्यम से प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उच्चस्तरीय फिल्म शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है।

आरक्षित वर्ग को अधिक आर्थिक सहायता

फिल्म नीति के अनुसार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम पर हुए कुल व्यय का 75 प्रतिशत तक छात्रवृत्ति दी जाती है। वहीं सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों को 50 प्रतिशत तक आर्थिक सहायता प्रदान करने का प्रावधान किया गया है।

सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से आर्थिक कारणों से प्रतिभा प्रभावित नहीं होगी और अधिक से अधिक युवा फिल्म शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ सकेंगे।

तीन विद्यार्थियों को मिला लाभ

परिषद के अनुसार रुद्रप्रयाग जिले के उखीमठ निवासी प्रवीण सेमवाल को एक वर्षीय स्नातकोत्तर प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम के लिए 65 हजार 682 रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की गई है। चमोली जिले के हरनी (मुंदोली) निवासी कविता को दो वर्षीय स्नातकोत्तर डिप्लोमा पाठ्यक्रम के लिए एक लाख 27 हजार 619 रुपये दिए गए हैं।

इसके अलावा नैनीताल जिले के तल्लीताल निवासी देवेश भट्ट को तीन वर्षीय स्नातकोत्तर डिप्लोमा पाठ्यक्रम के लिए एक लाख 38 हजार 990 रुपये की छात्रवृत्ति स्वीकृत की गई है। तीनों विद्यार्थियों ने भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान, पुणे से अपनी शिक्षा पूरी की है।

राज्य सरकार का कहना है कि भविष्य में भी इस योजना के माध्यम से अधिक से अधिक विद्यार्थियों को लाभान्वित किया जाएगा, ताकि उत्तराखंड के युवा फिल्म और दृश्य माध्यमों के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान स्थापित कर सकें।

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