Top 5 This Week

spot_img

Related Posts

Homeउत्तराखंडहरिद्वारहरेला पर्व पर हरिद्वार में...

हरेला पर्व पर हरिद्वार में वृहद पौधरोपण अभियान, प्रशासन और पुलिस ने लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प

हरिद्वार, 16 जुलाई। उत्तराखंड के हरेला पर्व के अवसर पर हरिद्वार जिले में पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन और हरिद्वार पुलिस ने व्यापक पौधरोपण अभियान चलाया। सरकारी कार्यालयों, पुलिस परिसरों और विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर फलदार एवं छायादार पौधे लगाए गए। अधिकारियों ने नागरिकों से केवल पौधे लगाने ही नहीं, बल्कि उनके संरक्षण और संवर्धन का भी संकल्प लेने की अपील की।

जिलाधिकारी ने किया अभियान का शुभारंभ

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने रोशनाबाद स्थित जिला कार्यालय परिसर में अमरूद का पौधा रोपित कर अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। यदि हर व्यक्ति एक पौधा लगाकर उसकी नियमित देखभाल करे तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और हरित वातावरण उपलब्ध कराया जा सकता है।

इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार सहित जिला प्रशासन के अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने अधिक से अधिक पौधरोपण करने और लगाए गए पौधों को वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखने का संकल्प लिया।

हरिद्वार पुलिस ने पूरे जनपद में चलाया विशेष अभियान

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह के निर्देशन में हरिद्वार पुलिस ने भी जनपद के विभिन्न पुलिस कार्यालयों, थानों, शाखाओं और पुलिस लाइन परिसर में व्यापक पौधरोपण अभियान संचालित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ पुलिस लाइन में क्षेत्राधिकारी सदर सुरेंद्र प्रसाद बलूनी ने पौधरोपण कर किया।

इस दौरान पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों तथा प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे रिक्रूट कांस्टेबलों ने बड़ी संख्या में पौधे लगाए। अभियान के माध्यम से पुलिस विभाग ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का संदेश भी दिया।

लगभग 500 फलदार और छायादार पौधे लगाए गए

अभियान के दौरान जामुन, आंवला, अमरूद, आम, लीची और शीशम सहित लगभग 500 फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण किया गया। अधिकारियों ने बताया कि पौधरोपण का उद्देश्य केवल हरियाली बढ़ाना नहीं, बल्कि जैव विविधता का संरक्षण और पर्यावरण संतुलन को मजबूत करना भी है।

सीओ लाइन एवं प्रतिसार निरीक्षक प्रवीन आलोक ने हरेला पर्व के सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उत्तराखंड की यह लोकपरंपरा प्रकृति के प्रति सम्मान और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को पौधों की नियमित देखभाल करने का संकल्प भी दिलाया। साथ ही पूर्व में लगाए गए पौधों का निरीक्षण कर उनके संरक्षण की स्थिति का भी जायजा लिया गया।

श्रावण मास में 10 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य

पुलिस संचार शाखा और सिटी कंट्रोल रूम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी सीसीआर परिसर में पौधरोपण कर अभियान में सहभागिता निभाई।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह ने बताया कि यह अभियान केवल हरेला पर्व तक सीमित नहीं रहेगा। पूरे श्रावण मास के दौरान जनपद में कम से कम 10 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए विभिन्न पुलिस इकाइयों और प्रशासनिक विभागों के सहयोग से लगातार पौधरोपण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।

प्रकृति संरक्षण का संदेश देता है हरेला

जिला प्रशासन और पुलिस ने संयुक्त रूप से नागरिकों से अपील की कि वे अपने घरों, विद्यालयों, संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर पौधे लगाएं तथा उन्हें वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखें। अधिकारियों ने कहा कि हरेला केवल एक पारंपरिक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति कृतज्ञता, पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित भविष्य सुनिश्चित करने का सामूहिक संकल्प है।

Popular Articles