हरिद्वार, 15 जुलाई। हरिद्वार जिले के लक्सर क्षेत्र में अवैध खाद्य निर्माण इकाइयों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो मावा निर्माण इकाइयों पर छापेमारी की। संयुक्त अभियान के दौरान बिना वैध खाद्य लाइसेंस संचालित दोनों इकाइयों को बंद करने का नोटिस जारी किया गया और अग्रिम आदेश तक उन्हें सील करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जनस्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
संयुक्त टीम ने की छापेमारी
सूचना के आधार पर अपर आयुक्त खाद्य सुरक्षा, गढ़वाल मंडल आर.एस. रावत के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा विभाग, लक्सर तहसील प्रशासन और लक्सर पुलिस की संयुक्त टीम ने खरंजा कुतुबपुर स्थित मावा निर्माण इकाइयों पर छापा मारा। जांच के दौरान दोनों प्रतिष्ठानों में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन सामने आया।
बिना लाइसेंस चल रहा था मावा निर्माण
जांच में कुरबान पुत्र छब्बर और इलियास पुत्र असरफ द्वारा संचालित इकाइयों में बिना वैध खाद्य लाइसेंस के मावा निर्माण और दूध विक्रय का कार्य किया जा रहा था। अधिकारियों ने जब आवश्यक अभिलेख और लाइसेंस प्रस्तुत करने को कहा तो संचालक अनिवार्य दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सके। इसके बाद दोनों इकाइयों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी गई।
जांच के लिए लिए गए दूध के नमूने
कार्रवाई के दौरान मावा निर्माण में उपयोग किए जा रहे दूध के तीन नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए एकत्र किए गए। जांच रिपोर्ट के आधार पर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और मानकों की पुष्टि की जाएगी। यदि नमूने निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरते हैं तो संबंधित संचालकों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
न्यायालय में वाद दायर करने की प्रक्रिया शुरू
खाद्य सुरक्षा विभाग ने बिना वैध लाइसेंस खाद्य निर्माण इकाई संचालित करने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने के मामले में दोनों संचालकों के विरुद्ध न्यायालय में वाद दायर करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
अभियान आगे भी रहेगा जारी
इस संयुक्त कार्रवाई में जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी, तहसीलदार लक्सर, दीवान राणा, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन तथा लक्सर थाना पुलिस की टीम मौजूद रही। प्रशासन ने कहा कि जिले में बिना लाइसेंस संचालित खाद्य निर्माण इकाइयों की लगातार जांच की जाएगी और जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।


