ब्रसेल्स, 15 जुलाई: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंतोनियो कोस्टा से मुलाकात कर भारत-यूरोपीय संघ के बीच व्यापार, प्रौद्योगिकी और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच सहयोग को नई दिशा देने में कोस्टा के मार्गदर्शन और सकारात्मक दृष्टिकोण का विशेष महत्व है।
जयशंकर दो दिवसीय बेल्जियम यात्रा पर हैं, जहां उन्होंने भारत-यूरोपीय संघ व्यापार एवं प्रौद्योगिकी परिषद की तीसरी बैठक में भाग लिया। इस प्रतिनिधिमंडल में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और राज्य मंत्री जितिन प्रसाद भी शामिल हैं।
भारत-यूरोपीय संघ साझेदारी में तेज हुई प्रगति
यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष से मुलाकात के बाद जयशंकर ने कहा कि इस वर्ष की शुरुआत में हुए ऐतिहासिक भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन के बाद दोनों पक्षों के संबंधों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने व्यापार, प्रौद्योगिकी और निवेश के क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग को भविष्य की आर्थिक साझेदारी का मजबूत आधार बताया।
विदेश मंत्री ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं को अधिक सुरक्षित, मजबूत और भरोसेमंद बनाने की दिशा में मिलकर कार्य कर रहे हैं। दोनों पक्ष उभरती प्रौद्योगिकियों और नवाचार के क्षेत्रों में भी सहयोग का दायरा बढ़ाने पर सहमत हैं।
मुक्त व्यापार समझौते पर बढ़ा जोर
भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन के दौरान मुक्त व्यापार समझौते को लेकर बनी सकारात्मक गति को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। दोनों पक्षों का मानना है कि इस समझौते से व्यापार, निवेश, उद्योग और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
जनवरी में नई दिल्ली में आयोजित भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंतोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन की मौजूदगी में आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को नई दिशा देने वाले कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए थे।
समुद्री सुरक्षा और पश्चिम एशिया पर भी हुई चर्चा
ब्रसेल्स यात्रा के दौरान जयशंकर ने यूरोपीय संघ की विदेश एवं सुरक्षा नीति की उच्च प्रतिनिधि तथा यूरोपीय आयोग की उपाध्यक्ष काजा कैलास से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति, क्षेत्रीय शांति, सुरक्षित समुद्री मार्गों और वैश्विक व्यापार की निर्बाध आवाजाही पर विस्तार से विचार-विमर्श किया।
बैठक में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को मजबूत बनाने, नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं की सुरक्षा बढ़ाने पर भी सहमति बनी। भारत और यूरोपीय संघ ने समुद्री सहयोग को और गहरा करने की आवश्यकता पर बल दिया।
यूरोपीय संघ ने भारत को बताया अहम रणनीतिक साझेदार
काजा कैलास ने कहा कि मौजूदा वर्ष भारत-यूरोपीय संघ संबंधों के लिए ऐतिहासिक साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि व्यापार, प्रौद्योगिकी, सुरक्षा और रक्षा के क्षेत्रों में दोनों पक्षों का सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में भारतीय नौसेना और यूरोपीय संघ के नौसैनिक अभियानों के बीच सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता भी जताई।
बेल्जियम के फ्लैंडर्स क्षेत्र के साथ निवेश पर चर्चा
विदेश मंत्री ने फ्लैंडर्स क्षेत्र के मंत्री-प्रमुख मथियास डिपेनडेल और मंत्री एनिक डी रिडर से भी मुलाकात की। बैठक में निवेश, उद्योग, व्यापार और क्षेत्रीय आर्थिक सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
जयशंकर ने कहा कि प्रस्तावित भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के लागू होने से बेल्जियम और विशेष रूप से फ्लैंडर्स क्षेत्र के साथ व्यापार एवं निवेश के नए अवसर खुलेंगे, जिससे दोनों देशों के उद्योगों को लाभ मिलेगा।


