हरिद्वार, 13 जुलाई (वेब वार्ता)। जनसमस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर जिला प्रशासन ने सोमवार को हरिद्वार जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया। जिला कार्यालय सभागार में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में हुई जनसुनवाई में विभिन्न विभागों से जुड़ी 100 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 55 शिकायतों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के लिए भेजा गया।
राजस्व, बिजली और पेयजल से जुड़ी समस्याएं उठीं
जनसुनवाई के दौरान जिले के लोगों ने राजस्व मामलों, भूमि विवाद, अतिक्रमण, विद्युत व्यवस्था, जलभराव, पेयजल संकट, राशन कार्ड और सड़क निर्माण जैसी समस्याएं जिलाधिकारी के सामने रखीं। कई फरियादियों ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे, खराब विद्युत पोल और तारों, जल निकासी की समस्या सहित अन्य स्थानीय मुद्दों के समाधान की मांग की।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के समाधान में पारदर्शिता, संवेदनशीलता और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।
स्थलीय निरीक्षण कर समाधान के निर्देश
डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन मामलों में मौके पर जाकर जांच की आवश्यकता है, वहां संबंधित विभाग आपसी समन्वय बनाकर स्थलीय निरीक्षण करें और समस्या का समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जनता की शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि शिकायतों के समाधान में देरी या उदासीनता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य है कि आमजन को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ आसानी से उपलब्ध हो तथा उनकी समस्याओं का प्रभावी समाधान हो।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की भी हुई समीक्षा
जनसुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को लंबित शिकायतों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। समीक्षा में सामने आया कि एल-1 स्तर पर 509 और एल-2 स्तर पर 157 शिकायतें अभी लंबित हैं।
डीएम ने विशेष रूप से 36 दिनों से अधिक समय से लंबित शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को शिकायतकर्ताओं से संपर्क कर फीडबैक लेने और समाधान की स्थिति की जानकारी साझा करने के निर्देश भी दिए।
अधिकारियों को जनता के प्रति जवाबदेह रहने की हिदायत
जिलाधिकारी ने कहा कि जनसुनवाई व्यवस्था का उद्देश्य केवल शिकायतें दर्ज करना नहीं, बल्कि लोगों को प्रभावी समाधान उपलब्ध कराना है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों से जनता के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाने और शिकायतों के निस्तारण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, अपर जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। जनसुनवाई में बड़ी संख्या में फरियादी भी पहुंचे और अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं।


