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केजीएमयू दीक्षांत समारोह में बोले राजनाथ सिंह, भारत स्वास्थ्य क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा

लखनऊ, 13 जुलाई। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत स्वास्थ्य क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और मेडिकल रिसर्च में नए आयाम स्थापित कर रहा है। वह सोमवार को लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के 22वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे।

राजनाथ सिंह ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश के स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक बदलाव देखने को मिला है। सरकार का लक्ष्य केवल उपचार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि सभी नागरिकों के लिए सुलभ, किफायती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य व्यवस्था तैयार करना है।

आयुष्मान भारत से गरीबों को मिला स्वास्थ्य सुरक्षा कवच

रक्षा मंत्री ने कहा कि पहले गंभीर बीमारियों का इलाज कई परिवारों के लिए आर्थिक संकट का कारण बन जाता था, लेकिन अब आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से पात्र लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था अधिक आधुनिक, जन-केंद्रित और आत्मनिर्भर बनी है। सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में तकनीक, अनुसंधान और चिकित्सा शिक्षा को लगातार मजबूत कर रही है।

उत्तर प्रदेश में बढ़ा मेडिकल शिक्षा का विस्तार

राजनाथ सिंह ने उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य में चिकित्सा सुविधाओं में बड़ा सुधार हुआ है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में केवल 17 मेडिकल कॉलेज थे, जबकि अब इनकी संख्या बढ़कर 81 हो चुकी है। इसके अलावा राज्य में दो एम्स भी संचालित हैं।

उन्होंने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए पर्याप्त संख्या में डॉक्टर और विशेषज्ञों की जरूरत होती है। इसी उद्देश्य से देश में मेडिकल शिक्षा के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

आधुनिक चिकित्सा तकनीक में भारत की प्रगति

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत जीन थेरेपी, परमाणु चिकित्सा और अन्य आधुनिक तकनीकों के माध्यम से स्वास्थ्य क्षेत्र में नए समाधान विकसित कर रहा है। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिकों ने हीमोफीलिया उपचार के लिए स्वदेशी जीन थेरेपी का सफल प्रदर्शन किया है।

उन्होंने कहा कि पुणे के एक संस्थान ने स्तन कैंसर उपचार के लिए आधुनिक नैनो चिकित्सा तकनीक विकसित की है। सरकार का ध्यान केवल बीमारी के इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि रोगों की रोकथाम और जागरूकता पर भी केंद्रित है।

अंगदान को बताया मानवता का सबसे बड़ा उपहार

राजनाथ सिंह ने अंगदान को मानवता के लिए सबसे बड़ा योगदान बताया। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति के निधन के बाद उसके अंग कई लोगों को नया जीवन दे सकते हैं। उन्होंने डॉक्टरों से अपील की कि वे समाज में अंगदान को लेकर जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

उन्होंने कहा कि डॉक्टरों को समाज में विशेष सम्मान प्राप्त है और इस सम्मान के साथ बड़ी जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है। चिकित्सकों का निर्णय मरीज, परिवार और समाज पर व्यापक प्रभाव डालता है।

केजीएमयू की उपलब्धियों की सराहना

रक्षा मंत्री ने किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय की प्रशंसा करते हुए कहा कि संस्थान ने देश को अनेक प्रतिष्ठित चिकित्सक दिए हैं। यहां से जुड़े डॉक्टरों ने चिकित्सा सेवा, शोध और मानवता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है।

दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक, राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह और केजीएमयू की कुलपति प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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