नई दिल्ली, 24 जून: गंभीर बीमारी से जूझ रहीं अलका याग्निक ने पद्म भूषण सम्मान को बताया उम्मीद, साहस और प्रेम का प्रतीक
देश की प्रसिद्ध पार्श्व गायिका अलका याग्निक ने पद्म भूषण सम्मान प्राप्त करने के बाद एक भावुक संदेश साझा करते हुए अपने प्रशंसकों, शुभचिंतकों और देशवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया है। लंबे समय से सेंसरी न्यूरल हियरिंग लॉस जैसी गंभीर बीमारी से संघर्ष कर रहीं गायिका ने कहा कि बीते दो वर्ष उनके जीवन के सबसे चुनौतीपूर्ण दौरों में से एक रहे, लेकिन इस कठिन समय में प्रशंसकों का प्यार और समर्थन उनकी सबसे बड़ी ताकत बनकर सामने आया।
‘यह सम्मान केवल मेरा नहीं, श्रोताओं का भी है’
सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने संदेश में अलका याग्निक ने कहा कि पद्म भूषण जैसे प्रतिष्ठित सम्मान को स्वयं ग्रहण करना उनके लिए गर्व और भावनाओं से भरा क्षण था। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल उनकी उपलब्धियों की पहचान नहीं है, बल्कि उन लाखों श्रोताओं के प्रेम और विश्वास का भी सम्मान है जिन्होंने उनकी आवाज को अपने जीवन का हिस्सा बनाया।
गायिका ने लिखा कि यह सम्मान उन्हें आगे बढ़ने, संघर्ष करने और नई ऊर्जा के साथ जीवन में वापसी करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि उनके प्रशंसकों की दुआएं और शुभकामनाएं ही मुश्किल समय में उनका संबल बनीं।
संगीत की दुनिया में वापसी की तैयारी
अलका याग्निक ने बताया कि वह धीरे-धीरे अपने सामान्य जीवन और संगीत की दुनिया में लौटने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कहा कि उनकी यह वापसी केवल व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि उन करोड़ों प्रशंसकों के लिए भी है जो हर परिस्थिति में उनके साथ खड़े रहे हैं।
राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार का जताया आभार
पद्म भूषण सम्मान के लिए अलका याग्निक ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्रालय और भारत सरकार का विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वह इस प्रतिष्ठित सम्मान को विनम्रता और गर्व के साथ स्वीकार करती हैं।
2024 में किया था बीमारी का खुलासा
गौरतलब है कि वर्ष 2024 में अलका याग्निक ने खुलासा किया था कि वह सेंसरी न्यूरल हियरिंग लॉस से पीड़ित हैं। इस बीमारी का असर उनकी सुनने की क्षमता के साथ-साथ गायकी पर भी पड़ा। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया था कि वह इस चुनौतीपूर्ण स्थिति का डटकर सामना कर रही हैं और लगातार स्वस्थ होने की दिशा में प्रयासरत हैं।

