देहरादून, 18 जून (वेब वार्ता)। इंदिरा मार्केट पुनर्विकास योजना की धीमी प्रगति को लेकर विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक संगठनों और व्यापार मंडल ने नाराजगी जताई है। परियोजना में लगातार हो रही देरी के विरोध में संगठनों के प्रतिनिधियों ने मुख्य सचिव को ज्ञापन भेजकर निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग की है।
प्रतिनिधियों का कहना है कि यह महत्वाकांक्षी योजना वर्ष 2016 में शुरू की गई थी और दिसंबर 2022 में मुख्यमंत्री के निर्देश पर इसे दोबारा गति देने का प्रयास किया गया। हालांकि, अब तक परियोजना जमीन पर अपेक्षित प्रगति नहीं कर सकी है। 450 करोड़ रुपये की लागत वाली इस योजना में धनराशि जुटाने में देरी और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) में तकनीकी आपत्तियों को प्रमुख बाधा बताया जा रहा है।
परियोजना के अटकने से लगभग 655 दुकानदारों और उनके परिवारों की आजीविका पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। व्यापारियों का कहना है कि न तो उन्हें कोई वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराया गया है और न ही किसी प्रकार की अंतरिम राहत दी गई है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ रही है।
संगठनों ने आरोप लगाया कि आवास विभाग के सख्त निर्देशों और स्थानीय विधायकों की नाराजगी के बावजूद जमीनी स्तर पर कोई ठोस सुधार नहीं दिख रहा है। इससे व्यापारियों में असंतोष और बढ़ता जा रहा है।
ज्ञापन में मांग की गई है कि आगामी 30 दिनों के भीतर आवश्यक धनराशि जारी कर परियोजना के कार्य में तेजी लाई जाए, ताकि लंबे समय से रुके हुए पुनर्विकास कार्य को शुरू किया जा सके।
ज्ञापन भेजने वालों में सीपीएम सचिव अनंत आकाश, व्यापार मंडल उपाध्यक्ष अशोक सचदेवा, सीटू महामंत्री लेखराज, रवि गुलाटी, मुमताज़, इमरान और मेहरबान सहित कई अन्य प्रतिनिधि शामिल रहे।


